नासिक TCS मामले की FIR में छेड़छाड़, अश्लील इशारे और जबरदस्ती नमाज पढ़वाने के आरोप

Amanat Ansari 15 Apr 2026 01:43: PM 4 Mins
नासिक TCS मामले की FIR में छेड़छाड़, अश्लील इशारे और जबरदस्ती नमाज पढ़वाने के आरोप

Nashik TCS Unit Case FIR Details: महाराष्ट्र के नासिक में पिछले हफ्ते बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की BPO यूनिट के कई कर्मचारियों ने अपने सहकर्मियों और टीम लीडर्स पर यौन उत्पीड़न और धार्मिक रूपांतरण के प्रयासों के आरोप लगाए. पुलिस ने अब तक आठ महिलाओं और एक पुरुष की शिकायतों के आधार पर नौ FIR दर्ज की हैं. कम से कम छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकी की जांच चल रही है.

घटनाएं मुख्य रूप से 18 से 25 वर्ष की उम्र की पीड़िताओं के साथ 2022 से लेकर दो-तीन साल तक हुईं बताई जा रही हैं. आरोपों में छेड़छाड़, शादी का झांसा देकर बलात्कार, और धार्मिक जबरदस्ती शामिल हैं. इस मामले की जांच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अब तक कम से कम 12 पीड़िताओं की पहचान की है. मामला पहली बार एक शिकायत के बाद गुप्त जांच से सामने आया, जिसमें डिजिटल सबूत और बाहरी लिंक भी जांचे जा रहे हैं.

FIR की मुख्य बातें...

  • जुलाई 2022 से फरवरी 2026 के बीच, आरोपी दानिश शेख, तौसीफ अत्तर और निदा खान ने महिला शिकायतकर्ता की हिंदू धर्म की देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां करके उनके धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई. इसके अलावा, आरोपी तौसीफ अत्तर ने शिकायतकर्ता से शादी करने का वादा किया और कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. आरोपी दानिश शेख ने कंपनी के ऑफिस और लॉबी में शिकायतकर्ता को शारीरिक रूप से पकड़कर यौन संबंध बनाने का प्रयास किया, जिससे उसे शर्मिंदगी और अपमान महसूस हुआ. इसलिए यह मामला दर्ज किया गया.
  • 2 मई 2023 से 19 मार्च 2026 के बीच, आरोपी रजा मेमन और शाहरुख कुरैशी ने महिला शिकायतकर्ता को घूरकर, शारीरिक रूप से छूकर और उसके निजी व वैवाहिक जीवन पर शर्मनाक टिप्पणियां करके अपमानित किया. शिकायतकर्ता ने कंपनी के हेड ऑफिसर से बार-बार मौखिक शिकायत की, लेकिन अधिकारी ने छेड़छाड़ की शिकायत पर कोई संज्ञान नहीं लिया. उनकी निष्क्रियता से उन्होंने आरोपी रजा मेमन और शाहरुख के कार्यों को बढ़ावा दिया. इसलिए यह मामला दर्ज किया गया.
  • 2022 से फरवरी 2026 के बीच आरोपी शफी शेख ने मीटिंग के दौरान शिकायतकर्ता की छाती को घूरते हुए और शरारतपूर्ण मुस्कुराते हुए उसे शर्मिंदा किया. आरोपी तौसीफ ने उसके निजी और वैवाहिक जीवन पर अपमानजनक टिप्पणियां कीं और उसे शारीरिक रूप से पकड़कर यौन संबंध बनाने का प्रयास किया, जिससे उसे शर्मिंदगी हुई. इसलिए यह मामला दर्ज किया गया.
  • मई 2025 से दिसंबर 2025 के बीच, आरोपी तौसीफ अत्तर ने शिकायतकर्ता की निजी जिंदगी के बारे में शर्मनाक सवाल पूछकर अनचाहे अग्रसर होने का प्रयास किया. उसने उसकी छाती को घूरा और अपने निजी अंगों की ओर इशारे किए, जिससे शिकायतकर्ता बहुत अपमानित महसूस हुई. साथ ही, जब शिकायतकर्ता और अन्य हिंदू महिला सहकर्मी काम कर रही थीं, तब उसने हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं. इसलिए यह मामला दर्ज किया गया.
  • 2022 से 23 मार्च 2026 के बीच आरोपी तौसीफ अत्तर, दानिश, शाहरुख शेख और रजा मेमन ने शिकायतकर्ता के धर्म की देवी-देवताओं के बारे में गाली-गलौज की भाषा का इस्तेमाल किया. उन्होंने शिकायतकर्ता को जबरन नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया और हिंदू देवी-देवताओं तथा हिंदू धर्म का अपमान किया. इसके अलावा, उसे जबरन नॉन-वेजिटेरियन खाना खिलाकर धर्म परिवर्तन का प्रयास किया गया. हिंदू महिलाओं के प्रति अश्लील भाषा और अपमानजनक टिप्पणियां भी की गईं. इसलिए यह मामला दर्ज किया गया.
  • 6 सितंबर 2024 से फरवरी 2026 के बीच आरोपी आसिफ अंसारी और शफी शेख ने शिकायतकर्ता की शारीरिक बनावट पर अश्लील टिप्पणियां कीं. उन्होंने जानबूझकर उसकी टांगों और छाती को छुआ, जिससे उसकी मर्यादा भंग हुई और अपमान हुआ. आरोपी तौसीफ अत्तर ने हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिससे शिकायतकर्ता और हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं. इसलिए यह मामला दर्ज किया गया.
  • 7 जून 2025 से मार्च 2026 के बीच आरोपी आसिफ अंसारी, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तर और शफी शेख ने महिला शिकायतकर्ता (सहकर्मी) का पीछा किया. उन्होंने अश्लील मौखिक टिप्पणियां कीं, अनुचित तरीके से छुआ और अश्लील नजरों से देखकर छेड़छाड़ की. साथ ही हिंदू देवी-देवताओं के बारे में गाली-गलौज की, जिससे शिकायतकर्ता और हिंदू धर्म की भावनाएं आहत हुईं. इसलिए यह अपराध दर्ज किया गया.
  • जनवरी 2025 से वर्तमान तारीख तक आरोपी रजा मेमन और शफी शेख ने महिला शिकायतकर्ता को उसके निजी जीवन के बारे में बार-बार बातें करने के लिए मजबूर किया, भले ही वह रुचि न दिखाए. आरोपी शफी ने उसकी मर्जी के खिलाफ शादी का प्रस्ताव रखा, जबकि रजा मेमन ने उसके शरीर पर अश्लील टिप्पणियां कीं. दोनों आरोपी बार-बार शिकायतकर्ता से टकराते थे, जिससे उसे शर्मिंदगी हुई. इसलिए यह अपराध दर्ज किया गया.
  • जनवरी 2026 से 1 अप्रैल 2026 के बीच आरोपी रजा मेमन और शाहरुख कुरैशी ने शिकायतकर्ता की ओर अश्लील टिप्पणियां कीं और अश्लील इशारे किए. उसकी रुचि न होने के बावजूद उसके निजी जीवन के बारे में बार-बार पूछा और उसे लगातार नजरों में रखा. उसके शारीरिक स्वरूप पर अश्लील टिप्पणियां कीं, जिससे उसे शर्मिंदगी और अपमान महसूस हुआ. इसलिए यह अपराध दर्ज किया गया.
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