नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इंडिया अंडर-19 लेग स्पिनर रोहित यादव पर उम्र में हेरफेर के आरोप में 2 साल का प्रतिबंध लगा दिया है. यह कार्रवाई उनकी जन्म तिथि से जुड़े दस्तावेजों में विसंगतियां सामने आने के बाद की गई है.
रोहित यादव बंगाल के क्रिकेटर हैं और मूल रूप से उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं. जुलाई 2026 में श्रीलंका दौरे पर उन्होंने इंडिया U-19 टीम के लिए यूथ टेस्ट में 6 विकेट लिए थे और फाइनल टेस्ट जीतने में अहम भूमिका निभाई थी. हाल ही में उन्हें ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ घरेलू सीरीज के लिए भी टीम में जगह मिली थी, जो सितंबर में राजकोट और अहमदाबाद में खेली जानी थी. अब उन्हें इस सीरीज से बाहर कर दिया गया है.
BCCI और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) की उम्र सत्यापन प्रक्रिया के दौरान उनके दस्तावेजों में कई विसंगतियां मिलीं. उनके पास अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र हैं, जिनमें जन्म वर्ष 2007, 2009 और 2010 दर्ज हैं. आधार कार्ड में भी कई बार बदलाव हुए. 2014 में CAB में रजिस्ट्रेशन के समय जन्म तिथि 7 जुलाई 2007 बताई गई थी. 2017 और 2020 में आधार में वर्ष 2006 दिखा, फिर 2021 में इसे 2009 कर दिया गया.
CAB के अनुसार, उनकी उम्र में करीब 27 महीने का अंतर पाया गया. BCCI ने सभी राज्य संघों को सूचित कर दिया है कि रोहित यादव अगले दो साल तक किसी भी BCCI से संबद्ध टूर्नामेंट में नहीं खेल सकते. प्रतिबंध तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है.
इसके अलावा CAB ने दस्तावेजी विसंगतियों के कारण 62 से 64 अन्य खिलाड़ियों को भी 2026-27 और 2027-28 सीजन के लिए पंजीकरण या ट्रांसफर से अयोग्य घोषित कर दिया है. इनमें पूर्व इंडिया U-19 विश्व कप विजेता रवि कुमार भी शामिल हैं.
BCCI उम्र धोखाधड़ी के मामलों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता रहा है. रोहित यादव का मामला युवा क्रिकेट में उम्र हेरफेर के खिलाफ सख्त रुख को फिर से रेखांकित करता है.