नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) एक बार फिर विवादों में हैं. चुनाव आयोग ने 127 बोगस मतदाताओं के पंजीकरण के आरोप में पांच सरकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई न करने के कारण राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत को 13 अगस्त 2025 को दिल्ली तलब किया है. आयोग ने दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर में मतदाता सूची में अनियमितताओं के लिए दो निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों, दो सहायक अधिकारियों और एक डेटा एंट्री ऑपरेटर को निलंबित करने का आदेश दिया था. लेकिन राज्य सरकार ने केवल दो कर्मचारियों को सक्रिय ड्यूटी से हटाया, न कि निलंबित किया या उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की, जो आयोग के निर्देशों का उल्लंघन है.
ममता बनर्जी की यह कार्रवाई उनके दोहरे रवैये को दर्शाती है. क्योंक जब दिल्ली में वोट चोरी को लेकर प्रदर्शन होता है, तो इनके पार्टी के सांसद जोर-शोर से मुद्दे को उठाते हैं और पीएम मोदी पर वोट चोरी का आरोप लगाते हैं. लेकिन खुद के ही राज्य में फर्ची मतदाता पर अनियमितता बरतीं है. ममता बनर्जी ने 6 अगस्त को आयोग के आदेशों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपने अधिकारियों को दंडित नहीं होने देंगी, क्योंकि चुनाव आयोग केवल चुनाव की घोषणा के बाद प्रशासन पर नियंत्रण लेता है.
उन्होंने अधिकारियों से निडर होकर काम करने को कहा. दूसरी ओर, TMC और इंडिया गठबंधन ने दिल्ली में आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसमें राहुल गांधी ने कर्नाटक में एक लाख फर्जी वोटरों का आरोप लगाया. TMC ने पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ एफआईआर, डिजिटल मतदाता सूची सार्वजनिक करने और विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) रद्द करने की मांग की. उनका दावा है कि एसआईआर से गरीब और अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम हट सकते हैं.
ऐसे में, पश्चिम बंगाल में आयोग के आदेशों का पालन न करने से सवाल उठता है कि क्या ममता सरकार स्वयं बोगस वोटरों को बढ़ावा दे रही है. ममता ने एसआईआर को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) से जोड़कर इसे अल्पसंख्यकों और कमजोर वर्गों के खिलाफ बीजेपी की साजिश बताया. TMC सांसदों ने इसे "नाज़ी शासन" और "बैकडोर एनआरसी" करार दिया. ममता और उनकी पार्टी ने सड़क पर उतरने और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की बात कही. बिहार में भी TMC ने एसआईआर का सबसे तीखा विरोध किया. यह स्पष्ट है कि बंगाल में बड़े पैमाने पर फर्जी मतदाता तैयार किए गए हैं, जिसे ममता सरकार संरक्षण दे रही है.