कोलकाता: पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार ने अपने पहले बड़े प्रशासनिक फैसले में एक ऐसे आईएएस अधिकारी को राज्य का नया मुख्य सचिव बना दिया है, जिन्होंने हालिया विधानसभा चुनावों और विशेष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) की सफलता में अहम भूमिका निभाई. मनोज कुमार अग्रवाल 1990 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं, जो अभी तक राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के पद पर तैनात थे. मुख्यमंत्री शुभेंदु ने उन्हें मुख्य सचिव नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है.
कौन हैं मनोज अग्रवाल?
जुलाई 2026 में होने वाले थे रिटायर
राज्य में शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव कराने तथा SIR प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अग्रवाल की तारीफ की जा रही थी. भाजपा सूत्रों का कहना है कि ममता बनर्जी सरकार में नौकरशाही को कमजोर किया गया था, जिसे नई सरकार अब दुरुस्त कर रही है. सबसे वरिष्ठ और योग्य अधिकारी को मुख्य सचिव बनाकर कानून की गरिमा बहाल करने की दिशा में यह एक ठोस कदम माना जा रहा है.
सोमवार को हुई पहली कैबिनेट बैठक के बाद यह नियुक्ति की गई. अग्रवाल के नेतृत्व में ही राज्य निर्वाचन विभाग ने SIR की देखरेख की थी, जिसे लेकर विपक्षी दलों में काफी चर्चा रही. यह नियुक्ति नई सरकार के प्रशासनिक सुधारों और निष्पक्ष व्यवस्था स्थापित करने के संकल्प को दर्शाती है.