उत्तर प्रदेश में क्या अब मंडलायुक्तों यानी कमिश्नरों पर गाज गिरने वाली है? लोकसभा चुनाव में यूपी से आए नतीजों की बीजेपी को सपने में भी उम्मीद नहीं थी. मात्र 33 सीटों पर बीजेपी सिमटी तो सवाल योगी पर खड़ा हो गया. इसलिए चुनाव के बाद से ही समीक्षा हो रही है. समीक्षा के हिसाब से योगी सरकार एक्शन भी ले रही है. जानकार तो इसे योगी का गुस्सा भी बता रहे हैं. क्योंकि चुनाव के बाद से कहीं बुलडोज़र कार्रवाई हो रही है. तो कहीं माफियाओं और गैंगस्टर के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है.
योगी सरकार के इस ताबड़तोड़ एक्शन के बीच अब यूपी की ब्यूरोक्रेसी पर भी हंटर चल गया है. पहली बार जिलाधिकारियों के बड़े तबादलों में सरकार की सख्ती की झलक दिखाई दी है. तबादले में हारी हुई लोकसभा सीटों पर तैनात जिला अधिकारियों पर पहले गाज गिरी है.
मुरादाबाद में तैनात जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह अब तक सरकार की आंख के तारे थे. मगर संभल और मुरादाबाद दोनों सीट पर हार के बाद उनको पद से हटकर साइड लाइन पोस्टिंग दे दी गई है. वह सीटें जिन पर लोकसभा चुनाव में बीजेपी की हार हुई. वहां जिलाधिकारी को हटाकर सरकार ने कार्यकर्ताओं की आवाज सुनी है और 15 जिलों के डीएम, 8 जिलों के एसपी बदल दिए.
लेकिन योगी अभी शांत बैठने के मूड में नहीं हैं. इस एक्शन के बाद एक और एक्शन की तयारी योगी सरकार ने कर ली है. सीएम योगी ने अब दूसरी लिस्ट अपने टेबल पर मंगवा ली है. और वो लिस्ट है मंडलायुक्तों यानी कमिश्नर की. सीएम योगी ने अपने सचिवों को फ़ोन लगाया और आदेश दिया है कि जल्दी से जल्दी लिस्ट तैयार की जाए. योगी के निर्देश के बाद मुख्य सचिव काम पर लग गए और राजस्व वादों की समीक्षा बैठक होने लगी. बैठक में जो सामने आया उसने हैरान कर दिया.
समीक्षा बैठक में सामने आया कि प्रदेश के 18 मंडलों में राजस्व वाद के 4,619 मामले विचाराधीन हैं. 18 मंडलों में राजस्व वाद के एक साल से ज्यादा और 3 साल से कम अवधि के 1,633 मामले लंबित हैं. 3 वर्ष से ज्यादा व 5 वर्ष से कम अवधि के 1,342 मामले लंबित हैं. 5 वर्ष से ज्यादा अवधि के 8,287 मामले लंबित हैं.
ये आंकड़े देख मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र आगबबूला हो गए. उन्होंने लापरवाह मंडलायुक्तों को फटकार लगाई, जबकि अच्छा काम करने वाले मंडलायुक्तों की प्रशंसा की. अलीगढ़, अयोध्या, बस्ती, विन्ध्याचल और आगरा मंडल राजस्व वादों के निस्तारण में सबसे ज्यादा लापरवाह रहे हैं, जिससे यहां पर राजस्व वादों के लंबित मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है.
अब रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और जल्दी ही सीएम योगी की टेबल पर पहुंच जाएगी. इसके बाद जानकारों का दावा है कि अब अगला नंबर इन लापरवाह मंडलायुक्तों का है. सीएम योगी इनके खिलाफ कड़ा निर्णय लेंगे. यानी डीएम एसपी के बाद अब कमिश्नरों के तबादले होने वाले हैं.
जानकार तो ये भी दावा कर रहे हैं कि लोकसभा चुनाव के बाद से जिस तरह सीएम योगी एक के बाद एक एक्शन ले रहे हैं उसे देखकर लग रहा है कि अभी योगी शांत नहीं होने वाले हैं. इसलिए इधर योगी की टेबल पर लिस्ट पहुंचेगी उधर तबादले की लिस्ट तैयार हो जाएगी. तबादले होते ही योगी अगले एक्शन की तैयरी में लग जाएंगे.