पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज इन दिनों अपने कुछ फैसलों को लेकर चर्चा में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजाब सरकार ने लाहौर और आसपास के कई इलाकों, सड़कों और ऐतिहासिक स्थानों के पुराने नाम फिर से बहाल करने का फैसला लिया है। इनमें कुछ ऐसे नाम भी शामिल हैं जो विभाजन से पहले या ब्रिटिश काल में प्रचलित थे।
बताया जा रहा है कि मार्च 2026 में हुई एक बैठक में पंजाब सरकार ने कई इलाकों के पुराने नामों को दोबारा लागू करने पर सहमति बनाई। जिन नामों की चर्चा हो रही है उनमें कृष्ण नगर, संत नगर, धर्मपुरा, लक्ष्मी चौक, जैन मंदिर रोड और राम गली जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए उठाया गया है।
इसी बीच सोशल मीडिया पर कुछ लोग इन फैसलों की तुलना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों से भी कर रहे हैं। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में पहले भी कुछ नेताओं द्वारा कानून व्यवस्था के मुद्दे पर योगी मॉडल का उल्लेख किया जा चुका है।
हालांकि, पाकिस्तान में इन फैसलों को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे ऐतिहासिक पहचान की बहाली बता रहे हैं, जबकि कुछ कट्टरपंथी संगठनों और राजनीतिक वर्गों के बीच इस पर असहमति की खबरें भी सामने आई हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान में इस तरह के फैसले आने वाले समय में वहां की आंतरिक राजनीति और सांस्कृतिक बहस को और तेज कर सकते हैं।