The future of Artificial Intelligence in India: माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया है. माइक्रोसॉफ्ट इंडिया (Microsoft India) और साउथ एशिया के अध्यक्ष, पुणीत चंडोक, का कहना है कि AI तकनीक विभिन्न उद्योगों में तेजी से लोकप्रिय हो रही है. विशेष रूप से, "कोपाइलट" जैसे कार्यक्रमों के बढ़ते उपयोग ने AI तकनीक के विकास में तेजी लाई है.
आपको बता दें, चंडोक ने एक इंटरव्यू में बताया, "लोगों का AI के प्रति दृष्टिकोण अब संदेह से बदलकर सकारात्मक और व्यावहारिक प्रभावों पर केंद्रित हो गया है." माइक्रोसॉफ्ट का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाज और प्रौद्योगिकी दोनों में बड़े बदलाव लाने की क्षमता रखता है.
उन्होंने AI के विकास में सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, पारदर्शिता और पूर्वाग्रह को प्राथमिकता देने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया. चंडोक ने कहा, "किसी भी तकनीक को सुरक्षा के साथ डिजाइन किया जाना चाहिए; इसे बाद में जोड़ा नहीं जा सकता." माइक्रोसॉफ्ट जिम्मेदारी से AI का उपयोग करने और अपने ग्राहकों के डेटा की सुरक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है.
भारत माइक्रोसॉफ्ट के लिए दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है. यहां 7000 से अधिक स्टार्टअप्स हैं, जो इसे तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाते हैं. भारत में 60 मिलियन से अधिक छोटे और मध्यम उद्यम (SMBs) हैं, जो AI के व्यापक उपयोग के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान करते हैं.
चंडोक के अनुसार, भारत में दुनिया के AI शोधकर्ताओं और डेवलपर्स का एक छठा हिस्सा है. एक हालिया अध्ययन से पता चलता है कि अगले दस वर्षों में भारत दुनिया के नए रोजगार में एक चौथाई हिस्सेदारी बनाएगा, जो देश की बढ़ती वैश्विक भूमिका को दर्शाता है. माइक्रोसॉफ्ट का मानना है कि भारत डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, तकनीक और कौशल प्रशिक्षण के व्यापक पहुंच के कारण AI का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है.