तेहरान: ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के भव्य जनाजे के बीच एक तस्वीर ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है. उनके ताबूत के बगल में रखा 14 महीने की नातिन जहरा मोहम्मदी गोलपायगानी का छोटा सा सफेद ताबूत अब इस पूरे मातम का सबसे भावुक और परिभाषित करने वाला प्रतीक बन गया है. राजकीय भव्यता, लाखों लोगों की भीड़, छाती पीटना और राजनीतिक नारों के बीच यह छोटा ताबूत इंसानी दर्द और परिवार की व्यक्ति क्षति की याद दिला रहा है.
खामेनेई और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के ताबूतों के पास रखा ज़हरा का छोटा ताबूत देखकर मातम करने वाले सैकड़ों लोग रो पड़े. सोशल मीडिया पर यह तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है. कई लोग लिख रहे हैं कि राजनीति और युद्ध के बीच एक मासूम बच्ची की मौत सबसे बड़ा दर्द है.
जनाजे की भव्य तैयारी
जनाजा तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मसाला में रखा गया है, जहां हजारों लोग फूल बरसा रहे हैं और रो-रोकर मातम मना रहे हैं. पूरा कार्यक्रम पूरे हफ्ते चलेगा. तेहरान से शुरू होकर यह काफिला क़ोम, इराक के नजफ-करबला होते हुए मशहद पहुंचेगा, जहां खामेनेई को दफनाया जाएगा. ईरान सरकार इस जनाजे में करोड़ों लोगों के शामिल होने का दावा कर रही है और भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ परिवहन, भोजन व आवास की व्यवस्था की गई है.
खामेनेई और उनके कई परिवार सदस्यों की मौत अमेरिका-इजराइल हवाई हमलों में हुई थी. उनका 37 साल लंबा शासन अब खत्म हो गया है. उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाए जाने की चर्चा है, लेकिन देश में आर्थिक संकट और आंतरिक अस्थिरता बनी हुई है. इस भव्य जनाजे के बीच ज़हरा का छोटा ताबूत राजनीति से ऊपर उठकर इंसानियत का दर्द दिखा रहा है. यह तस्वीर युद्ध और संघर्ष के मानवीय पहलू को दुनिया के सामने ला खड़ी करती है.