वेनेजुएला: लैटिन अमेरिका का सबसे खतरनाक और मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर हेक्टर रस्टेनफोर्ड गुएरेरो फ्लोरेस उर्फ 'नीनो गुएरेरो' आखिरकार पुलिस और खुफिया एजेंसियों के हाथों मारा गया. अमेरिका और वेनेजुएला की संयुक्त कार्रवाई में शुक्रवार को इस कुख्यात अपराधी को ढेर कर दिया गया. सालों से चली आ रही उसकी तलाश का अंत हो गया.
जेल के अंदर से चलाया क्राइम एम्पायर
नीनो गुएरेरो ट्रेन डी अरागुआ (Tren de Aragua) नामक अंतरराष्ट्रीय अपराधी गिरोह का सरगना था. वेनेजुएला की प्रसिद्ध टोकोरोन जेल को उसने अपना मुख्यालय बना लिया था. जेल की सलाखों के पीछे बैठकर वह ड्रग्स तस्करी, रंगदारी, अपहरण, मानव तस्करी और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग जैसे बड़े अपराधों का पूरा नेटवर्क संचालित करता था. 2023 में जब वेनेजुएला की सेना ने जेल पर छापा मारा, तो अंदर का मंजर देखकर सब हैरान रह गए.
जेल में क्या था?
वेनेजुएला से अमेरिका तक फैला आतंक
गुएरेरो छापेमारी से पहले ही जेल से फरार होने में सफल हो गया था.. गुएरेरो ने एक छोटे जेल गैंग को विशाल अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में बदल दिया. वेनेजुएला के आर्थिक-राजनीतिक संकट का फायदा उठाकर उसके गुर्गों ने कोलंबिया, पेरू, चिली, इक्वाडोर और अमेरिका तक अपने पांव पसार लिए.
ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और प्रवासी तस्करी उसके गिरोह के मुख्य धंधे थे. अमेरिका ने उसे 50 लाख डॉलर (लगभग 42 करोड़ रुपये) का इनाम रखा था और उसके गिरोह को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था.
कैसे हुआ अंत?
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और वेनेजुएला की सेना के संयुक्त गुप्त ऑपरेशन में नीनो गुएरेरो को मार गिराया गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे “तेज और घातक हमला” बताया. गुएरेरो की मौत उसके गैंग के लिए बड़ा झटका है, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि गिरोह का नेटवर्क कई देशों में इतना गहरा फैला हुआ है कि सरगना के मरने के बाद भी यह पूरी तरह खत्म नहीं होगा.