सलमान खान को मिटाने के लिए पाकिस्तान तक लॉरेंस ने जाल बिछाया, लेकिन एक गलती ने उसे पुलिस की जाल में ऐसा उलझाया कि उसके गुर्गे रट्टू तोते की तरह सबकुछ साफ-साफ उगलने लगे. उन्होंने जो कबूलनामा किया है, उसे सुनकर हर कोई यही कहेगा कि यार सलमान खान की सुरक्षा बढ़ानी होगी.
1 जून को जब आप एग्जिट पोल में व्यस्त थे, तब महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से तीन शार्प शूटर पकड़े गए. जिसमें पहला है अजय कश्यप, जिसे लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने पाकिस्तान से हथियार मंगवाने का जिम्मा सौंपा था. दूसरा है संदीप बिश्नोई- जिसका काम था सलमान के फॉर्म हाउस की सारी सटीक जानकारी लोगों से मंगवाना. तीसरा है- वसीम चिकना, जिसका निशाना किसी भी हाल में नहीं चूकता.
इसके अलावा एक चौथा रिजवान खान ऊर्फ जावेद खान भी था, जिसे बेंगलुरू से पकड़ा गया और इसे लॉरेंस ने इस मिशन को पूरी तरह से सफल बनाने का काम सौंपा था. इसीलिए ये मुंबई से दूर बैठा था और जब तारीख, जगह और पूरी प्लानिंग फिक्स हो जाती, बॉस का आदेश मिल जाता तो वो मुंबई पहुंचता. प्लानिंग इतनी तगड़ी थी कि सलमान की सुरक्षा में लगे मुंबई पुलिस के जवान हों या फिर उनके पर्सनल बॉडीगार्ड शेरा तक को इसकी भनक नहीं थी.
मुंबई में मूसेवाला पार्ट-2 की प्लानिंग
बकायदा इसका भी ऑर्डर दिया जा चुका था, लेकिन उस ऑर्डर की डिलीवरी होती उससे पहले ही लॉरेंस के गुर्गों ने एक बड़ी गलती कर दी और मुंबई पुलिस को बड़ा मौका मिल गया. मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पनवेल थाने के पुलिस इंस्पेक्टर नितिन ठाकरे को पिछले साल सितंबर-अक्टूबर में ये ख़बर मिली थी कि देश के कुछ सुप्रसिद्ध लोगों को टारगेट करने की कोशिश की जा रही है. उसके बाद से ही इन्होंने कई खतरनाक सोशल मीडिया ग्रुप पर नजर रखनी शुरू कर दी और एक ऐसे ही ग्रुप ने लॉरेंस के गुर्गों की पोल खोल दी.
सोचिए अगर ये बातचीत लीक नहीं होती, प्लान लीक नहीं होता तो क्या होता, सलमान खान के पास फिलहाल वाई कैटेगरी की सुरक्षा है. इस सिक्योरिटी में 11 जवान के घेरे में सलमान खान रहते हैं. इसके अलावा उनके साथ 2-4 कमांडो और पुलिसकर्मी होते हैं. सलमान के साथ हमेशा 4 सुरक्षाकर्मी रहते हैं जो उनकी सेफ्टी का ध्यान रखते हैं. जबसे सलमान के घर पर फायरिंग हुई है, तब से मुंबई पुलिस हमेशा अलर्ट मोड पर रहती है, बावजूद इसके इतनी बड़ी प्लानिंग का खुलासा होना कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है, क्या अपराधियों में पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया है.