अभिषेक चतुर्वेदी
ये हिंदुस्तान का नक्शा है, जिसके पूरब में बांग्लादेश बसा है, जहां कभी हिंदू सुरक्षित हुआ करते थे. पर आज ये पूरी तरह से लगभग कट्टरपंथियों के हाथ में जा चुका है. पश्चिम में बसा पाकिस्तान पहले से ही इस्लामिक मुल्क है, जबकि उत्तर में बसे नेपाल में एक खास तबके की आबादी तेजी से बढ़ती जा रही है. 2021 की जनगणना के आंकड़े बताते हैं नेपाल में मुस्लिमों और ईसाईयों की आबादी तेजी से बढ़ रही है. इसके अलावा अफगानिस्तान पहले से ही तालिबान के हाथ में जा चुका है. बीते 4 सालों में इन चारों देशों में जिस तरह की राजनीतिक उथल-पुथल चल रही है, उससे ये सवाल उठ रहे हैं कि भारत के खिलाफ कहीं कोई बड़ी प्लानिंग नहीं रची जा रही.
अटल बिहारी वाजपेयी कहते थे, दोस्त बदले जा सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं, तो पड़ोसी देशों में ऐसा माहौल कौन बना रहा है? बांग्लादेश वाले केस में अमेरिका और पाकिस्तान के हाथ होने की चर्चा उठी, अफगानिस्तान में अमेरिका की वजह से हालात बिगड़े थे और अब ब्रिटेन को भी इस्लामिल मुल्क बनाने की प्लानिंग पर लगता है काम हो रहा है. ईसाई बहुल ब्रिटेन से जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वो साफ इस ओर इशारा करती हैं कि दुनिया पर राज करने वाले अंग्रेजों का दौर अब खत्म हो चुका है और वहां दूसरे तबके की जड़ें तेजी से मजबूत हो रही है.
साल 2021 की जनगणना के मुताबिक ब्रिटेन में ईसाइयों की आबादी में 13.1 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. जबकि मुसलमानों की आबादी 4.9 फीसदी से बढ़कर 6.5 फीसदी हो गई है. ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स की ओर से जारी 2021 की जनगणना रिपोर्ट के अनुसार इंग्लैंड और वेल्स में ईसाइयों की जनसंख्या 46.2 फीसदी रह गई है, जो कि आधे से भी कम है.
यानी दूसरे तबके की आबादी वहां लगातार बढ़ रही है, जिसका गलत फायदा कुछ लोग उठा रहे हैं. आपको याद होगा कुछ दिनों पहले लंदन के जिस लीड्स एरिया से माहौल बिगड़ने की शुरुआत हुई थी, बाद में पता चला वहां के हेयरहिल्स में एक तबके की आबादी सबसे ज्यादा है. हेयरहिल्स की आबादी करीब 31 हजार है, जिसमें 42 प्रतिशत हिस्सेदारी मुसलमानों की है, जबकि ईसाई जनसंख्या 37 प्रतिशत हैं.
जहां-जहां लंदन मूल के लोगों की आबादी कम है, वहां-वहां माहौल ज्यादा खराब हो रहे हैं. ऐसी ख़बरें सामने आ रही है, तो सवाल ये है कि क्या लंदन को अस्थिर करने की साजिश रची जा रही है. जैसे हिंदुस्तान में रोहिंग्या और बांग्लादेशियों पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगते हैं, ठीक वैसे ही ब्रिटेन में बिगड़े हालात के जिम्मेदार रवांडा से आए लोग हैं.
रवांडा अफ्रीका का देश है, जहां से भागकर भारी संख्या में लोगों ने ब्रिटेन में शरण ली है. पर अब ये ब्रिटेन के लिए ये इतना बड़ा मुद्दा बन गया है कि वहां के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने इन्हें अपने मुल्क वापस भेजने का प्लान बनाया था. लेकिन सुनक की सरकार ही नहीं बन पाई. अब नए वाले प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने ये साफ कहा है कि जो लोग माहौल खराब कर रहे हैं, चाहे वो कोई भी हों, हर किसी को उसकी सजा भुगतनी होगी.
लेकिन ये हालत सिर्फ ब्रिटेन की ही नहीं है, बल्कि कई यूरोपियो देशों की हालत ब्रिटेन वाली ही है. ऐसे में हिंदुस्तान के आसपास के पड़ोसी मुल्क में जो हो रहा है, वो 140 करोड़ हिंदुस्तानियों की चिंता बढ़ाने वाला है और सबके मन में सवाल यही उठ रहा है कि क्या एक ईसाई मुल्क को इस्लामिक मुल्क बनाने की साजिश रची जा रही है, अगर हां तो फिर उसके पीछे कौन लोग हैं, जो इतने शक्तिशाली मुल्क का माहौल इस तरह से खराब कर रहे हैं.