नई दिल्ली: मुंबई के गोरेगांव पश्चिम में स्थित विवेक विद्यालय जूनियर कॉलेज में उस वक्त हंगामा मच गया जब प्रशासन ने क्लासरूम के अंदर बुर्का और नकाब पहनने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी. कॉलेज ने साफ कहा है कि चेहरा ढकने वाली कोई भी ड्रेस क्लास में नहीं चलेगी, हिजाब की इजाज़त है लेकिन बुर्का-नकाब नहीं.
इस फैसले के बाद दर्जनभर से ज़्यादा मुस्लिम छात्राएँ पिछले कई दिनों से कॉलेज गेट के बाहर भूख हड़ताल पर बैठी हैं. उनका कहना है कि पहले कभी ऐसा कोई नियम नहीं था. एडमिशन के वक्त इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई. अचानक बीच सत्र में यह रोक लगाना उनके धार्मिक अधिकारों का हनन है. बुर्का उतारने से वे असुरक्षित और शर्मिंदा महसूस करती हैं.
छात्राओं का गुस्सा तब और बढ़ गया जब विरोध करने पर कुछ शिक्षकों ने कथित तौर पर कहा, “अगर इतनी ही दिक्कत है तो एडमिशन कैंसल कर लो.” अब इस मामले में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM भी कूद पड़ी है. AIMIM की मुंबई महिला विंग की उपाध्यक्ष और वकील जहानआरा शेख ने कॉलेज पहुंचकर छात्राओं का खुला समर्थन किया.
उन्होंने प्रबंधन से तुरंत प्रतिबंध हटाने की मांग की और चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो पार्टी सड़क से लेकर कोर्ट तक लड़ाई लड़ेगी. जहानआरा शेख ने कहा, “एडमिशन के बाद नियम बदलना धोखा है. कल को ये हिजाब भी बैन कर देंगे. यह संविधान में मिली धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला है.” दूसरी तरफ कॉलेज प्रबंधन अपने फैसले पर अड़ा है. प्रिंसिपल और ट्रस्टी का कहना है कि यह नियम सिर्फ अनुशासन और यूनिफॉर्मिटी के लिए है, किसी धर्म को टारगेट नहीं किया गया.
चेहरा पूरी तरह ढकने से पहचान और पढ़ाई में दिक्कत आती है. हिजाब, दुपट्टा या स्कार्फ पहनने में कोई रोक नहीं है. फिलहाल दोनों पक्ष अपनी-अपनी जगह डटे हैं. छात्राएं भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं, AIMIM ने कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी शुरू कर दी है, और कॉलेज ने साफ कर दिया है कि वह अपना फैसला वापस नहीं लेगा. विवाद बढ़ता जा रहा है.