मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश के मुज्जफरनगर से एक हैरान करने वाला साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहां फिल्मों और टीवी सीरियल से प्रेरित एक प्रेमी जोड़े ने फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को अपना शिकार बनाया. ‘बंटी और बबली’ की तर्ज पर ठगी करने वाला यह जोड़ा पुलिस की गिरफ्त में है. शाहपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली इकरा के लिए यह सिर्फ ठगी का मामला नहीं, बल्कि भरोसे के टूटने की कहानी है.
इकरा ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके व्हाट्सएप पर हिदायतुल्लाह नाम के व्यक्ति से बातचीत शुरू हुई. धीरे-धीरे बातचीत दोस्ती में बदली और फिर भरोसे में, लेकिन इकरा को यह नहीं पता था कि वह जिस शख्स से बात कर रही हैं, वह दरअसल दिल्ली निवासी मंसूर अहमद है, जो फर्जी पहचान के साथ उन्हें जाल में फंसा रहा था.
पांच लाख की ठगी
मंसूर ने पहले इकरा से बहन का रिश्ता जोड़कर भावनात्मक नजदीकी बनाई. उसने इकरा और उनके परिवार की निजी जानकारी हासिल की, इसके बाद अपनी गर्लफ्रेंड रोजी के साथ मिलकर दोनों ने एक खतरनाक खेल शुरू किया. कभी खुद को सीबीआई अधिकारी तो कभी कस्टम अधिकारी बताकर उन्होंने इकरा और उनके परिवार को डराना-धमकाना शुरू कर दिया. सरकारी कार्रवाई का भय दिखाकर उन्होंने इकरा से करीब 5 लाख रुपये ठग लिए.
4 अपैल को दर्ज कराई शिकायत
लगातार मानसिक दबाव और डर के माहौल में जी रही इकरा ने आखिरकार हिम्मत जुटाई और 4 अप्रैल को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, इसके बाद पुलिस और सर्विलांस टीम ने जांच शुरू की. तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर रविवार को दिल्ली से मंसूर और रोजी को गिरफ्तार कर लिया गया.
फर्जी आईडी कार्ड और वारंट बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को इनके पास से कई अहम सबूत मिले, जिनमें फर्जी आईडी कार्ड, नकली सर्च वारंट, मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड और करीब दो लाख रुपये नकद शामिल हैं. खास बात यह है कि बरामद सर्च वारंट का फॉर्मेट बिल्कुल वैसा ही था, जैसा असली सीबीआई अधिकारी इस्तेमाल करते हैं. पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने फिल्मों और टीवी सीरियल से आइडिया लेकर यह ठगी का तरीका सीखा. वे सोशल मीडिया पर लोगों से दोस्ती करते, उनकी आर्थिक जानकारी जुटाते और फिर सरकारी अधिकारी बनकर उन्हें ब्लैकमेल करते थे. अब तक वे 15 से 20 लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं.