नागपुर : महाराष्ट्र के नागपुर में सेना के एक अधिकारी की पत्नी से जुड़े कथित रेप, ब्लैकमेल और धर्म परिवर्तन के मामले ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. इस पूरे मामले के केंद्र में 26 वर्षीय अयाज़ ताज मदारे है, जिस पर पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाए हैं. पुलिस के अनुसार अयाज़ और उसके सहयोगियों के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली, कथित धर्म परिवर्तन और महाराष्ट्र के एंटी-ब्लैक मैजिक एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है.
एफआईआर के मुताबिक, अयाज़ पीड़िता का पुराना स्कूल परिचित था. आरोप है कि उसने जमीन और फ्लैट खरीदने का बहाना बनाकर महिला से संपर्क किया. 8 फरवरी 2025 को नागपुर के एक होटल में मुलाकात के दौरान कथित तौर पर जूस में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर दिया गया. महिला का दावा है कि होश आने पर उसे पता चला कि उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए जा चुके हैं. इसके बाद कथित तौर पर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर करीब 4 लाख रुपये की वसूली की गई और महीनों तक उसे मानसिक दबाव में रखा गया.
मामले का सबसे चर्चित पहलू धर्म परिवर्तन है. पीड़िता का कहना है कि उसे कलमेश्वर इलाके में ले जाया गया, जहां एक मौलाना की मौजूदगी में धार्मिक अनुष्ठान कराए गए और उससे "कबूल है" कहलवाया गया. इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसकी जांच की जा रही है. पुलिस ने अयाज़ और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक मौलाना की तलाश जारी है.
नागपुर का यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देश में पहले भी धर्म परिवर्तन और महिलाओं के शोषण से जुड़े कई हाई-प्रोफाइल मामले सुर्खियां बटोर चुके हैं. वर्ष 2020 में उत्तर प्रदेश के बरेली और मेरठ में सामने आए मामलों ने राष्ट्रीय बहस छेड़ दी थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने धर्म परिवर्तन विरोधी कानून लागू किया.
मध्य प्रदेश में भी 2021 और 2022 के दौरान ऐसे कई मामलों में पुलिस ने जबरन धर्म परिवर्तन और शादी के नाम पर धोखाधड़ी के आरोपों की जांच की. वहीं, महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी पिछले कुछ वर्षों में ऐसे मामले सामने आए, जिनमें महिलाओं ने प्रेम संबंध, शादी या ब्लैकमेल के जरिए दबाव बनाने के आरोप लगाए थे. यही वजह है कि नागपुर केस को लेकर भी जांच एजेंसियां हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं.