गाजियाबाद के एक तनिष्क शोरूम में हुई करीब 4 करोड़ रुपये की चोरी ने पुलिस को भी हैरान कर दिया। शुरुआत में मामला इसलिए उलझा हुआ लग रहा था क्योंकि न तो शोरूम का ताला टूटा था और न ही जबरन घुसपैठ के कोई निशान मिले थे। ऐसे में जांच का पहला शक शोरूम के कर्मचारियों पर गया।
पुलिस ने कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। जांच आगे बढ़ी तो एक चौंकाने वाली साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक शोरूम में काम करने वाले एक कर्मचारी की नजर लंबे समय से वहां रखे कीमती आभूषणों पर थी और उसने चोरी की पूरी योजना पहले से तैयार कर रखी थी।
बताया जा रहा है कि आरोपी कर्मचारी ने एक पार्टी का आयोजन किया, जिसमें शोरूम का कैशियर भी शामिल हुआ। पार्टी में आरोपी की प्रेमिका काजल और उसके पिता संजय वर्मा भी मौजूद थे। पुलिस जांच में सामने आया कि कैशियर के नशे में होने का फायदा उठाकर उसकी जेब से शोरूम की चाबी निकाल ली गई।
इसके बाद आरोपी शोरूम में दाखिल हुए और करोड़ों रुपये के आभूषण लेकर फरार हो गए। चोरी के बाद माल को आपस में बांट लिया गया। जब मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच तेज हुई तो एक-एक कर पूरे नेटवर्क का खुलासा होने लगा।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी की प्रेमिका के पास से उसके हिस्से के आभूषण भी बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी वारदात अंदरूनी जानकारी और भरोसे का गलत फायदा उठाकर अंजाम दी गई।
गाजियाबाद पुलिस के अनुसार आरोपियों की भूमिका, चोरी किए गए माल की बरामदगी और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साजिश में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
इस मामले ने एक बार फिर यह दिखाया है कि बड़ी आपराधिक घटनाओं में कई बार अंदरूनी लोगों की भूमिका सबसे अहम होती है। पुलिस ने लोगों और संस्थानों से सुरक्षा व्यवस्था तथा कर्मचारियों के सत्यापन को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।