पटना: नालंदा जिले के चंडी क्षेत्र में स्थित नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज में बुधवार की शाम को भारी हड़कंप मच गया, जब सिविल इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष की पढ़ाई कर रही सोनम कुमारी नाम की छात्रा ने हॉस्टल के तीसरे तल से नीचे कूदकर अपनी जान दे दी. बुरी तरह चोटिल सोनम लगभग 30 मिनट तक दर्द से कराहती रही, लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने उसे तुरंत मेडिकल सुविधा तक पहुंचाने के लिए वाहन उपलब्ध नहीं कराया.
इसी देरी की वजह से वह दम तोड़ बैठी. छात्रों का दावा है कि उन्होंने घायल साथी को बचाने के लिए प्राचार्य गोपाल नंदन से वाहन की बार-बार अपील की, पर उन्होंने इनकार कर दिया. यहां तक कि मोटरसाइकिल से उसे ले जाने का सुझाव भी खारिज कर दिया गया. इस घोर उदासीनता से गुस्साए छात्रों ने कॉलेज परिसर और नजदीकी चिकित्सालय में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने प्राचार्य को हादसे का मुख्य दोषी बताते हुए उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कदम उठाने की जोरदार मांग की.
युवाओं का मत है कि यदि सोनम को वक्त पर चिकित्सा केंद्र पहुंचा दिया जाता, तो शायद उसकी सांसें लौट आतीं. इधर, हादसे के पीछे की वजहों को लेकर तरह-तरह की अफवाहें उड़ रही हैं. कैंपस में खुलकर यह बात कही जा रही है कि सोनम लंबे समय से सीनियर छात्रों की प्रताड़ना से तंग आ चुकी थी, जिसकी वजह से उसने यह कट्टर कदम उठाया. हालांकि, कानून प्रवर्तन एजेंसी ने अभी इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
सोनम की असमय विदाई से व्यथित युवाओं ने कॉलेज के अंदर हंगामा मचाते हुए कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया और कुछ को आग के हवाले कर दिया. सूचना पाते ही चंडी पुलिस स्टेशन की टीम घटनास्थल पर पहुंची और तफ्तीश शुरू कर दी. प्रभारी अधिकारी सुमन कुमार ने कहा कि शुरुआती पूछताछ चल रही है, और विस्तृत जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी.
दूसरी ओर, माहौल और बिगड़ता देख हिलसा के उप-मंडल मजिस्ट्रेट ने साइट पर आकर आंदोलनरत छात्रों को शांत करने की कोशिश की. कॉलेज इलाके में छात्रा के निधन के बाद से ही अशांति का माहौल बना हुआ है. क्रोधित युवा वर्ग प्राचार्य के खिलाफ सख्ती की मांग पर कायम है. वर्तमान में पुलिस संपूर्ण प्रकरण की गहन पड़ताल कर रही है, जिसमें हॉस्टल के बाकी निवासियों से भी बयान दर्ज किए जा रहे हैं.