|
वैशाली: आज वैशाली में लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान के तत्वाधान में आयोजित ''नमस्ते बिहार: पंचम बृहत जनसंवाद में हजारों की संख्या में उपस्थित लोगों ने जाति-संप्रदाय, लिंगभेद और विचारधाराओं के मतभेदों से उपर उठकर 2047 तक विकसित बिहार गढ़ने का सामूहिक संकल्प लिया. बिहार के चर्चित आईपीएस अधिकारी विकास वैभव ने उपस्थित श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वैशाली के उत्थान और पतन की कहानी में ही बिहार के ऐतिहासिक उत्कर्ष और वर्तमान पतन की कहानी छिपी है, जिसे आज हम सबको समझने एवं उस पर विचार करने की जरूरत है.
अनेकता में एकता
वैशाली के ऐतिहासिक उत्कर्ष पर प्रकाश डालते हुए विकास वैभव ने कहा कि वैशाली एक प्रतीक है उस प्राचीन महाजनपद की जिसका संदेश ही था- अनेकता में एकता. उस समय के वैशाली में क्या अलग था यह समझने की जरूरत है. वैशाली विश्व का प्रथम गणराज्य ऐसे ही नहीं बना था. उसके पीछे एक बृहत, व्यापक एवं दूरदर्शी दृष्टि थी. विकास वैभव ने खचाखच भरे जनसभा को संबोधित करते हुए यह कहा कि वैशाली का जो समय था, उस समय तात्कालीन समूचे विश्व में यह व्यवस्था थी कि एक शासक वर्ग के वंशज ही शासक बनेंगे.
वैशाली का पौराणिक इतिहास
पौराणिक ग्रंथों यथा वाल्मीकि रामायण एवं अन्य कुछ ग्रंथों को पढ़ने से हम यह पता चलता है कि वैशाली में भी इसी तरह की राज्यसत्ता स्थापित थी. परन्तु, कालांतर में बुद्धचरित एवं अन्य कुछ ग्रंथों को पढ़ने से हमे यह पता चलता है कि उस समय वैशाली के तात्कालीन शासक वर्ग से एक भयंकर भूल हुई जिसकी चहुंओर निंदा होने लगी. उस शासक का वंश नष्ट हो गया. और, तब धीरे-धीरे वैशाली की उस स्थापित शासन-व्यवस्था का अंत होने लगा. लोगों को लगने लगा कि अगर वंश-आधारित शासन व्यवस्था रहेगा तब योग्य लोगों का शासक के रूप में चुनाव नहीं हो सकता है, और इस विचार ने धीरे-धीरे वैशाली में विश्व के प्रथम गणराज्य की आधारशिला रखी, जब पूरे विश्व में कहीं भी ऐसी शासन-व्यवस्था की कहीं कोई परिकल्पना नहीं थी.

बिहार भूमि से बना अखंड भारत का साम्राज्य
बिहार के चर्चित आईपीएस अधिकारी ने जनसभा में उपस्थित उत्साहित भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि अखंड भारत का साम्राज्य इसी बिहार की भूमि से बना है. जब ऑक्सफोर्ड और कैंब्रिज यूनिवर्सिटी की कहीं कोई परिकल्पना नहीं थी उस समय हमारे यहां नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्व-प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय थे. उन्होंने उपस्थित श्रोताओं से संवादीय शैली में बात करते हुए कहा कि वैशाली के ऐतिहासिक उत्कर्ष का अंत क्यों हुआ यह भी समझना उतना ही जरूरी है, क्योंकि इसी कहानी में बिहार के वर्तमान चिंताजनक स्थिति का रहस्य छिपा हुआ है.
उन्होंने कहा कि जहां एक ओर वैशाली के उत्कर्ष के पीछे अनेकता में एकता का संदेश समाहित था, वहीं इसके पतन के पीछे आपसी संघर्ष, स्वार्थ, ईर्ष्या, फूट, अहंकार, एवं एक व्यापक दृष्टि से पीछे हटना जैसे कारण थे. मगध सम्राट द्वारा भेजे गए एक वस्साकार ने परस्पर फूट डालकर एक सशक्त वैशाली का नाश कर दिया. ठीक उसी प्रकार आज बिहार में अनेक वस्साकार इसे खंड-खंड करने के लिए रात दिन प्रयत्नशील हैं. हमें उन्हें समझने एवं दूर करने की जरूरत है. हजारों लोगों की उपस्थित उत्साहित भीड़ को देखकर चेहरे पर आश्चर्य और हर्ष का समिश्रित भाव लिए विकास वैभव ने कहा कि इस जनसंवाद में इतनी बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों का मतलब यह है कि अब लोग जाति-संप्रदाय से ऊपर उठकर बिहार को विकसित होते हुए देखना चाहते हैं.
इस मिट्टी में भेदभाव नहीं
उन्होंने कहा कि सासाराम, आरा, बेगूसराय, सारण की ऐतिहासिक सभाओं के पश्चात वैशाली में भी हजारों की संख्या में आमजनों की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि व्यक्ति से बड़ा उसका विचार होता है. लेट्स इन्सपायर बिहार अब हर बिहार के युवा का अभियान बन चुका है. उन्होंने कहा कि बिहार के प्राचीन उत्कर्ष का कारण इसकी मिट्टी में निहित वेदांत की दृष्टि है, जिसमें परस्पर भेदभाव का कोई स्थान नहीं है, एवं इसका भविष्य शिक्षा, समता एवं उद्यमिता में निहित है जिसको केंद्र में रखकर लेट्स इंस्पायर बिहार आगे बढ़ रहा है.
राष्ट्र निर्माण हर व्यक्ति का दायित्व
सभा में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए विकास वैभव ने आगे कहा कि राष्ट्र निर्माण हर व्यक्ति का दायित्व है. आप सबको बदलाव का वाहक बनना होगा, आप सबको स्वयं बिहार के उज्ज्वलतम भविष्य निर्माण का दायित्व ग्रहण करना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि बगहा और रोहतास में परिवर्तन इसलिए संभव हो सका क्योंकि वहां के लोगों ने अपने यशस्वी पूर्वजों की बृहत जीवनदृष्टि को पहचाना.
उद्यमिता की क्रांति से होगा विकास
वैभव ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि बिहार का विकास सिर्फ उद्यमिता की क्रांति से संभव है जिसमें मुझे आप सबलोगों का साथ चाहिए. बिहार में लाखों की संख्या में स्टार्ट-अप्स की सफलता के लिए एक व्यापक इकोसिस्टम निर्मित करना होगा. संपूर्ण राज्य में शिक्षा एवं उद्यमिता के व्यापक प्रसार के साथ-साथ हर जिले में अलग-अलग विधायों के सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने होंगे. हजारों की संख्या में उपस्थित लोगों ने विकास वैभव के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि "मैं बदलूंगा बिहार! मैं करूंगा अपने पूर्वजों की भूमि का पुनरुद्धार!"
कई विशिष्ट मेहमान हुए शामिल
विशिष्ट अतिथियों में प्राइवेट स्कूल्स एन्ड चिल्ड्रेन वेल्फेयर एशोसियेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीक्षण पुरातत्ववेता सुजीत नयन, प्राइवेट स्कूल्स एवं चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के वैशाली जिलाध्यक्ष कृति प्रकाश, लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान के वैशाली जिला के मुख्य समन्वयक एवं कार्यक्रम के मुख्य संयोजक किशलय किशोर, सचिव अभिषेक आयुष, मुंबई से विशेष रूप से पधारे सुप्रसिद्ध गजल गायक कुमार सत्यम, औरंगाबाद के चर्चित समाजसेवी लव कुमार सिंह, अभियान के कला-संस्कृति मंच की मुख्य समन्वयक नम्रता कुमारी उपस्थित जैसे लोग उपस्थित थे.

अन्य उपस्थित मुख्य आगंतुकों में अभियान के मुख्य समन्वयक राहुल कुमार सिंह, उद्यमिता अध्याय के मुख्य समन्वयक मोहन कुमार झा, उद्यमिता अध्याय के मुख्य सलाहकार ओपी सिंह, वैशाली के शिक्षाविद जीवेश जी, अभय जी, अजिताभ जी, राजु खान जी, शशिरंजन जी, अमरंजय जी, चंदन जी, नम्रता जी, विभा जी, डॉक्टर नीति शुक्ला जी, डॉक्टर निशा शुक्ला जी, इंजीनियर सोनू ठाकुर जी, सतीश गांधी जी, डॉक्टर रमन किशोर जी, रोहित जी, आशीष रंजन जी, रामावतार राय जी, राकेश सिंह जी, इंद्रमोहन यादव जी, लूशी भारत जी, प्रभाकर राय जी, अनूप नारायण जी, पंडित लक्ष्मनाचार्य जी, रवि जी, राहुल जी, उत्पल यादव जी उपस्थित थे.
बिहार के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं
प्राइवेट स्कूल्स ऐंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ये देश तब तक विकसित नहीं हो सकता जबतक बिहार विकसित नहीं होगा. उन्होंने कहा कि विकसित बिहार से उनका आशय है कि वे 25 लाख बिहारी कामगार जो दयनीय दशा में राज्य के बाहर काम करने को विवश हैं, वो सम्मानपूर्वक वापस बिहार आकर काम कर सकें.
2047 तक विकसित बिहार के निर्माण का संकल्प
बिहार के उज्ज्वलतम भविष्य निर्माण हेतु संकल्पित अभियान लेट्स इंस्पायर बिहार की स्थापना 22 मार्च 2021 को बिहार के चर्चित एवं वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विकास वैभव के आह्वान पर हुआ था. इसका उद्देश्य 2047 तक विकसित भारत में एक ऐसे विकसित बिहार का निर्माण है जिसमें किसी व्यक्ति को शिक्षा, रोजगार अथवा स्वास्थ्य के लिए अन्यत्र जाने की आवश्यकता न हो. शिक्षा, समता और उद्यमिता के मूल मंत्रों पर आधारित अभियान में मातृभूमि की समृद्ध विरासत से प्रेरणा लेकर लघुवादों (जातिवाद, सम्प्रदायवाद, लिंगभेद इत्यादि) से उपर उठकर राष्ट्रहित में योगदान करने की परिकल्पना है. आज लगभग 1,50,000+ व्यक्ति स्वैच्छिक रूप से अभियान के अंतर्गत गठित अध्यायों में जुड़कर सकारात्मक योगदान समर्पित करने का प्रयास कर रहे हैं.
|
रोजगार की क्रांति होगी
अभियान के अंतर्गत बिहार में उद्यमिता की व्यापक क्रांति लाने का लक्ष्य है जिससे बिहार में ही रोजगार का अधिकाधिक सृजन हो सके. हर बिहारवासी को शिक्षित एवं स्किल्ड बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को जोड़कर एक व्यापक इकोसिस्टम निर्मित करने की आवश्यकता है जिसमें जो युवा स्वरोजगार, स्टार्ट-अप, उद्यम एवं व्यवसाय की ओर बढ़ते हैं उन्हे आवश्यक हरसंभव सहयोग एवं मार्गदर्शन दिया जा सके. उद्यमिता की क्रांति के बीजारोपण के लिए बिहार के हर जिले में 2028 तक अभियान के माध्यम से 100+ व्यक्तियों को रोजगार प्रदान करने की क्षमता वाले कम से कम 5 सफल स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य है. इसी उद्देश्य को लेकर बीते 25 अगस्त, 2024 को पटना के विद्यापति सभागार में स्टार्ट-अप समिट का आयोजन किया गया था और दिसंबर 2024 में दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित बिहार 2047 विजन कॉन्क्लेव (सीजन 2) तो अनेक मायनों में ऐतिहासिक रहा.
