भोपाल : मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का एक बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया. कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने मंच से पुलिस प्रशासन, खासकर दतिया के एसपी को संबोधित करते हुए कहा, एसपी साहब, मैं भूलने वाला प्राणी नहीं हूँ. मैं दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूँ. उन्होंने यह भी कहा कि माइक्रोफोन से उनकी बात प्रशासन तक जरूर पहुंचेगी और निर्दोष भाजपा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी.
नरोत्तम मिश्रा का यह बयान हाल ही में दतिया में हुए राजनीतिक घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में आया है. भाजपा द्वारा उपचुनाव के लिए उनका टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था. कई स्थानों पर सड़क जाम, पुलिस से झड़प और तनाव की स्थिति बनी थी. प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की थी, जिसके बाद कई भाजपा कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज किए गए.
अपने संबोधन में मिश्रा ने आरोप लगाया कि चक्काजाम हटाना पुलिस की जिम्मेदारी थी, लेकिन निर्दोष कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया. उन्होंने कहा कि यदि बेगुनाह लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए या उन्हें प्रताड़ित किया गया तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि 3 अगस्त को उपचुनाव परिणाम आने तक वे पूरे घटनाक्रम पर नजर रखेंगे.
गौरतलब है कि टिकट न मिलने के बाद शुरुआती विरोध के बावजूद नरोत्तम मिश्रा ने बाद में पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के समर्थन का ऐलान किया और भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत से प्रचार करने की बात कही.