नई दिल्ली : नेपाल के त्रिशुली बाजार में अचानक आई बाढ़ ने बुधवार सुबह ऐसा कहर बरपाया कि कई लोगों की जान पर बन आई. इसी दौरान 36 वर्षीय रामबचन साह ने अपनी सूझबूझ और हिम्मत के दम पर मौत को मात दे दी. बाढ़ की तेज धारा उन्हें बहाकर ले गई, लेकिन उन्होंने पास लटक रहे बिजली के तार को पकड़ लिया और करीब आधे घंटे तक उसी के सहारे लटके रहे.
रामबचन साह पिछले करीब 15 वर्षों से त्रिशुली बाजार में मिठाई बनाने का काम कर रहे हैं. बुधवार सुबह वह श्याम मिठाई की दुकान पर काम कर रहे थे. इसी दौरान अचानक बाढ़ का पानी तेजी से दुकान के अंदर घुस आया. देखते ही देखते पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि रामबचन उसकी चपेट में आकर बहने लगे.
उस वक्त उन्हें बचने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था. तभी उनकी नजर पास लटक रहे बिजली के तार पर पड़ी. उन्होंने किसी तरह तार को पकड़ लिया. नीचे बाढ़ का पानी बेहद तेज रफ्तार से बह रहा था. रामबचन के लिए वह करीब 30 मिनट जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष का समय रहा। हाथ अगर तार से छूट जाता तो तेज बहाव में उनका बचना बेहद मुश्किल था.
रामबचन ने बताया कि तार पकड़े रहने की वजह से उनकी जान बच गई. उनके लिए यह किसी नए जीवन से कम नहीं था. बाढ़ का पानी कम होने और स्थिति संभलने के बाद वह सुरक्षित बाहर निकल पाए. बाढ़ के बाद कीचड़ से सनी सड़क पर नंगे पांव चलते रामबचन की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. तस्वीर में उनके चेहरे और हालात से उस संघर्ष का अंदाजा लगाया जा सकता है, जिससे वह कुछ देर पहले गुजर चुके थे.
रामबचन साह की कहानी बताती है कि प्राकृतिक आपदा के सामने हालात कितने भी भयावह क्यों न हों, आखिरी पल तक हिम्मत और जिजीविषा इंसान को जिंदगी की ओर वापस ला सकती है.