यरुशलम/नई दिल्ली: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चेतावनी दी है कि भविष्य में अमेरिका में ऐसा राष्ट्रपति आ सकता है जो इजरायल के प्रति बहुत शत्रुतापूर्ण रवैया अपनाए. उन्होंने कहा कि ट्रंप के शेष कार्यकाल का इस्तेमाल कर इजरायल को अपनी स्थिति मजबूत करनी चाहिए और भारत तथा लैटिन अमेरिकी देशों के साथ नए गठबंधन बनाने चाहिए.
नेतन्याहू ने क्या कहा?
सुरक्षा सिद्धांत पेश करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि दो साल में ऐसा राष्ट्रपति (पुरुष या महिला) सत्ता में आ सकता है जो इजरायल के प्रति बहुत शत्रुतापूर्ण हो. उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य की अमेरिकी सरकार सैन्य सहायता घटा सकती है, प्रतिबंध लगा सकती है या हथियार प्रतिबंध का समर्थन कर सकती है.
उन्होंने जोर दिया कि पहले हमें इन दो वर्षों और अगले दो वर्षों में अमेरिकी मंच पर अच्छा-बुरा सब कुछ करना होगा. दूसरा काम अन्य गठबंधन बनाना है. मैं अभी कई देशों के साथ काम कर रहा हूं. भारत कोई छोटा देश नहीं है, और कई अन्य भी हैं. लैटिन अमेरिका में बड़े बदलाव की संभावना का भी उन्होंने जिक्र किया, खासकर ब्राजील चुनाव का.
भारत और हेक्सागॉन गठबंधन
नेतन्याहू पहले भी भारत के साथ मजबूत संबंधों पर जोर देते रहे हैं. फरवरी में उन्होंने हेक्सागॉन गठबंधन का प्रस्ताव दिया था, जिसमें भारत, ग्रीस, साइप्रस, अरब देश, अफ्रीकी राष्ट्र और कुछ एशियाई देश शामिल थे. अगस्त और जुलाई में भी उन्होंने भारत के साथ निवेश बढ़ाने और नए संबंध बनाने की बात कही थी.
यह बयान इजरायल के 27 अक्टूबर के चुनाव से नौ दिन पहले आया है. नेतन्याहू ईरान शासन को गिराने के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर इजरायल अकेले भी कार्रवाई कर सकता है.
उन्होंने अगले दशक में अतिरिक्त रक्षा खर्च का प्रस्ताव भी रखा. अमेरिका अभी भी इजरायल का सबसे बड़ा सहयोगी है, लेकिन नेतन्याहू भविष्य के बदलाव की तैयारी में भारत और लैटिन अमेरिका जैसे देशों से गठबंधन मजबूत करने पर फोकस कर रहे हैं.