यरुशलम/वाशिंगटन: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस महीने की शुरुआत में ईरान के परमाणु ठिकानों और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा हमला करने की योजना बना रहे थे. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े विरोध के बाद इस योजना को फिलहाल टालना पड़ा.
फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) 10 अक्टूबर 2026 वाले वीकेंड पर ईरान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले के लिए पूरी तरह तैयार था. योजना के तहत ईरानी परमाणु सुविधाओं, शासन के ठिकानों, ऊर्जा संयंत्रों और तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया जाना था. सूत्रों का दावा है कि अगर यह हमला होता तो यह फरवरी में अमेरिका-इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों से भी ज्यादा भीषण होता.
ट्रंप ने क्यों रोका?
ट्रंप 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान के साथ नए सैन्य संघर्ष की शुरुआत नहीं चाहते थे. 9 अक्टूबर को ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि चुनाव से पहले ईरान पर कोई हमला नहीं होगा. इजरायली आकलन के मुताबिक, अगर हमला होता तो ईरान जवाबी मिसाइल हमले कर सकता था, जिससे 27 अक्टूबर को होने वाले इजरायली चुनाव भी प्रभावित हो सकते थे. आईडीएफ चीफ ऑफ स्टाफ ले. जनरल ईयाल जमीर ने अमेरिकी अधिकारियों को इसकी चेतावनी भी दी थी.
रिपोर्ट अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ की इजरायल की गुप्त यात्रा के दो दिन बाद आई है. सूत्रों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में हमला दोबारा शुरू होना असंभव नहीं है. फिलहाल पेंटागन या इजरायली पीएमओ की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.