Government Formation in Tamil Nadu: तमिलनाडु में टीवीके प्रमुख अभिनेता विजय के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता अभी आसान नहीं दिख रहा है. बुधवार को विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा किया, लेकिन उनके पास 112 विधायकों का समर्थन था, जबकि बहुमत के लिए 118 की जरूरत है.
इसी बीच डीएमके अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी टीवीके की नई सरकार को काम करने का मौका देगी और अगले छह महीने तक बिना किसी हस्तक्षेप के उसका प्रदर्शन देखेगी. स्टालिन ने स्पष्ट संकेत दिया कि डीएमके न तो कोई संवैधानिक संकट पैदा करना चाहती है और न ही जल्दी नए चुनाव कराने की इच्छुक है.
स्टालिन की अपील
स्टालिन ने उम्मीद जताई कि नई सरकार उनकी सरकार द्वारा शुरू की गई जनकल्याण योजनाओं को जारी रखेगी. खासतौर पर.. स्कूली बच्चों के लिए मुफ्त नाश्ता योजना, महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए देने वाली ‘कलाईनार मगलीर उरिमाई थोगई’ योजना पर नजर रहेगी. विजय के महिलाओं को 2,500 रुपए मासिक देने के वादे पर स्टालिन ने कहा कि इसे लागू करना आसान नहीं होगा. उन्होंने कम से कम 1,000 रुपए वाली व्यवस्था जारी रखने की सलाह दी. स्टालिन ने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार ने 2021 के घोषणापत्र के करीब 90% वादों को पूरा किया है.
सबसे बड़ी पार्टी TVK
बता दें कि 23 अप्रैल को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके सबसे ज्यादा 108 सीटें, डीएमके 59 सीटें, अन्नाद्रमुक, 47 सीटें, कांग्रेस ने 5 सीटें जीती. वहीं पीएमके 4 और अन्य छोटी पार्टियों को 1-2 सीटें मिलीं. राज्यपाल ने बुधवार को 16वीं विधानसभा भंग कर दी है. मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 10 मई 2026 को समाप्त हो रहा है. अगर इस तारीख तक सरकार नहीं बन पाई तो राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की संभावना बढ़ जाएगी.
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि राज्यपाल किसी भी दल को सरकार बनाने का निमंत्रण दे सकते हैं और बहुमत साबित करने के लिए विधानसभा सत्र बुलाना ही उचित तरीका है. विजय सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पूर्ण बहुमत नहीं है. स्टालिन ने संयम और सकारात्मक रुख दिखाते हुए नई सरकार को काम करने का समय देने का ऐलान किया है, साथ ही अपनी प्रमुख योजनाओं को जारी रखने की अपील भी की है. अब देखना होगा कि अगले कुछ दिनों में राजनीतिक घटनाक्रम किस दिशा में जाता है.