Chandranath Rath Murder: पश्चिम बंगाल में भाजपा की हालिया बड़ी चुनावी जीत का जश्न चल ही रहा था कि बुधवार रात एक चौंकाने वाली घटना ने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया. भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. हमलावर एक कार में सवार होकर आए और उन्होंने चंद्रनाथ रथ की गाड़ी को बीच रास्ते में रोक दिया. जैसे ही गाड़ी रुकी, उन्होंने बेहद नजदीक से उन पर लगातार गोलियां चलाईं. इस हमले में चंद्रनाथ रथ मौके पर ही मारे गए.
शुभेंदु अधिकारी के सबसे करीबी सहयोगी
चंद्रनाथ रथ शुभेंदु अधिकारी के बेहद विश्वसनीय और करीबी व्यक्ति माने जाते थे. उन्हें अक्सर शुभेंदु का ‘साया’ कहा जाता था. हर कार्यक्रम और महत्वपूर्ण मौके पर वे उनके साथ दिखाई देते थे. राजनीति में आने से पहले चंद्रनाथ रथ ने भारतीय वायु सेना में लगभग 18 साल तक सेवा दी थी. उन्होंने स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति ली और उसके बाद राजनीति में सक्रिय हो गए. अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा उनकी पहचान थी.
तृणमूल से भाजपा तक का सफर
चंद्रनाथ रथ और शुभेंदु अधिकारी का रिश्ता काफी पुराना था. दोनों पूर्वी मेदिनीपुर से जुड़े थे. जब शुभेंदु तृणमूल कांग्रेस में थे, तब भी चंद्रनाथ उनके साथ थे. साल 2019 में जब शुभेंदु अधिकारी जल संसाधन मंत्री बने, तो चंद्रनाथ रथ को उनका निजी सचिव बनाया गया. 2020 में शुभेंदु अधिकारी जब अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए, तो चंद्रनाथ रथ ने भी बिना किसी हिचकिचाहट के उनका साथ दिया. 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद जब शुभेंदु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बने, तब चंद्रनाथ की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई.
जमीनी स्तर पर थी अच्छी पहुंच
हाल ही में भाजपा की बंगाल में अच्छी प्रदर्शन के बाद शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा था. ऐसे में चंद्रनाथ रथ को भी भविष्य में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना थी. वे शुभेंदु अधिकारी के पुराने और नए राजनीतिक सफर के बीच मजबूत कड़ी थे. जमीनी स्तर पर उनकी अच्छी पहुंच थी और सेना का अनुभव उन्हें बेहतर प्रबंधन की क्षमता प्रदान करता था.
बंगाल की हिंसा फिर उजागर
मध्यमग्राम में हुई इस हत्या ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की हिंसक राजनीति को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में चुनाव नतीजों के दिन ऐसी हिंसा रोकने की अपील की थी. चंद्रनाथ रथ के शव को अस्पताल लाए जाने पर शुभेंदु अधिकारी भावुक नजर आए. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार समेत कई बड़े नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे. पोस्टमॉर्टम के बाद शव को एम्स कल्याणी भेज दिया गया. यह घटना शुभेंदु अधिकारी के लिए सिर्फ एक सहयोगी की हत्या नहीं, बल्कि एक पुराने और भरोसेमंद साथी को खोने का दर्द लेकर आई है.