नई दिल्ली: नीट पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के लंबे आंदोलन के बाद जंतर-मंतर पर एक नया विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. शुक्रवार को ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ के नाम पर सैकड़ों लोग जंतर-मंतर पहुंच गए. प्रदर्शनकारी जातिगत आरक्षण खत्म करने और यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए.
क्या मांग कर रहे हैं प्रदर्शनकारी?
प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर और पोस्टर थे, जिन पर लिखा था— “आरक्षण गरीब को मिले, जाति को नहीं”, “राष्ट्र की आवाज को सुनना होगा” और “भारत में आर्थिक आधार पर आरक्षण करना होगा”. वे भारत माता की जय और जय श्री राम के नारे भी लगा रहे थे. साथ ही यूजीसी रोल बैक के नारे भी खूब गूंजे.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जातिगत आरक्षण हटाए जाने तक वे आंदोलन जारी रखेंगे. वे शैक्षणिक परिसरों में जाति-आधारित भेदभाव रोकने से जुड़े 2026 के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के समानता संबंधी नियमों के खिलाफ भी आक्रोश जता रहे हैं. सवर्ण समाज इन नियमों में हुए संशोधन को अपने खिलाफ दुरुपयोग की आशंका जताते हुए इन्हें वापस लेने की मांग कर रहा है.
पुलिस का रुख
दिल्ली पुलिस ने पहले ही साफ कर दिया था कि जंतर-मंतर पर किसी भी विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है. नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है. पुलिस ने बताया कि ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ के लिए रामलीला मैदान में शाम 4 बजे तक प्रदर्शन की इजाजत दी गई है, लेकिन अधिकतम 500 लोगों को ही जुटाने की अनुमति है.
जुलूस निकालने या धरना स्थल पर रुकने की अनुमति नहीं है. सीजेपी आंदोलन के बाद से जंतर-मंतर पर बैरिकेडिंग बढ़ा दी गई है. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को धरना स्थल तक जाने से रोक दिया, लेकिन इलाके में नारेबाजी जारी रही.