नई दिल्ली: सीजेपी आंदोलन के बाद जंतर-मंतर पर शुक्रवार को एक बार फिर बड़ी भीड़ जुटी. इस बार आरक्षण सुधार आंदोलन के बैनर तले अनारक्षित वर्ग के प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के इक्विटी नियमों का विरोध किया और जाति-आधारित आरक्षण में सुधार की मांग की. प्रदर्शन की अगुवाई नीट अभ्यर्थी हर्ष दुबे कर रहे थे. प्रभावशाली अजीत भारती भी मौजूद रहे.
प्रदर्शनकारियों ने आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग की. उन्होंने कहा कि आरक्षण का लाभ वाकई जरूरतमंदों तक पहुंचना चाहिए. यूजीसी के इक्विटी नियमों (जो फिलहाल स्थगित हैं) का भी विरोध किया गया. कुछ प्रदर्शनकारियों ने एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग रोकने और इसे वापस लेने की भी मांग की. हर्ष दुबे ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपने तक जंतर-मंतर पर बैठे रहेंगे. प्रदर्शनकारियों ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया और “सियारामचंद्र की जय” के नारे लगाए.
अनुमति को लेकर विवाद
दिल्ली पुलिस ने पहले रामलीला मैदान में प्रदर्शन की अनुमति दी थी, लेकिन आयोजक जंतर-मंतर पर ही अड़े रहे. बाद में जंतर-मंतर पर अनुमति मिल गई. भारी सुरक्षा के बीच दिल्ली पुलिस, आरएएफ और आईटीबीपी के जवान तैनात थे. प्रदर्शनकारियों का दावा है कि हजारों लोग पहुंचे, हालांकि आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है.
यह प्रदर्शन सोशल मीडिया पर हफ्तों की मोबिलाइजेशन के बाद हुआ. राजस्थान की कर्नी सेना, जनरल सेना और चाणक्य सेना भी शामिल हुईं. इससे पहले नागपुर, लखनऊ, जयपुर और विशाखापट्टनम में भी प्रदर्शन हो चुके हैं. प्रदर्शनकारियों ने शांति बनाए रखने पर जोर दिया और चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और बड़ा होगा.