संदेशखाली: पश्चिम बंगाल का संदेशखाली उस समय चर्चाओं में आया था जब वहां ईडी की टीम छापोमारी करने गई थी, लेकिन स्थानीय गुंडे शाहजहां शेख के लोगों ने टीम पर हमला कर दिया था. ये मामला 55 दिन तक खिंचता रहा, इसी बीच संदेशखाली की महिलाएं सामने आईं जिन्होंने बताया कि किस तरह से शाहजहां के लोगों ने महिलाओं के ऊपर अत्याचार किये हैं, जबरन घर से उठाकर गैंगरेप किये हैं. खुद शाहजहां शेख भी इन बलात्कारों में शामिल रहा है. जिसके बाद 55 दिन तक फरार रहने के बाद शाहजहां की गिरफ्तारी हुई. फिलहाल ये अपराधी तो जेल में अपने कुकर्मों की सजा काट रहा है. लेकिन इलाके से इसका खौफ अभी भी कम नहीं हुआ है. कभी जेल से शाहजहां की धमकी आती है तो कभी उसके गुंडे आकर महिलाओं को धमकी देते हैं.
लोगों को धमका रहा अमजदुल सरदार
संदेशखाली की महिलाओं का आरोप है कि लगातार शाहजहां के गुर्गे इलाके में एक्टिव होते जा रहे हैं. वो कभी-कभी रात में लोगों के बीच आकर धमकी भी देते हैं, कहते हैं कि तुमने पुलिस केस दर्ज कराकर सही नहीं किया. ये लोग चेहरे पर कपड़ा बांध कर आते हैं, सिर्फ आंखें दिखाई देती हैं,
हालांकि इन धमकियों के बीच कुछ नाम भी सामने निकल कर आए हैं जिनमें से एक अमजदुल सरदार है, जो खरमपुर का रहने वाला है, लेकिन संदेशखाली में आकर रहने लगा है. अमजदुल अक्सर महिलाओं को धमकी देता है, खबर तो यहां तक है कि वो शिबू माजरा और आमिर शाहजहां के ग्रुप का सदस्य है. अजमदुल दावा करता है कि यहां (संदेशखाली) में मेरे दादा का घर है, और सिर्फ अजमदुल ही नहीं मस्तान समेत और भी कई गुर्गे हैं जो अभी भी महिलाओं को धमकाने की कोशिशों में जुटे रहते हैं. ये किसी तरह यहां की महिलाओं की हिम्मत को तोड़ना चाहते हैं.
ऑफिस बुलाकर शोषण करता था शाहजहां
जिस वक्त महिलाओं ने शाहजहां शेख के खिलाफ मोर्चा खोला था, तब उन्होंने दावा किया था कि इसके लोग बाजार में घूमते हैं, वहां जो लड़की या महिला पसंद आ जाए उसे ऑफिस बुला लेते हैं. अगर कोई आने से मना करती है तो उसे जबरन उठा लिया जाता है. जहां शाहजहां शेख और उसके लोग इन महिलाओं का बलात्कार करते हैं.
TMC का नेता था शाहजहां शेख
संदेशखाली में आतंक का पर्याय बन चुका शाहजहां, ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी का नेता था, वो 2011 में सरकार बनने के बाद टीएमसी से जुड़ा था, पहले वो सीपीएम के साथ जुड़ा हुआ था. टीएमसी ने 2019 में इसे संदेशखाली का ब्लॉक प्रेसिडेंट भी बनाया था. 2023 में जिला पंचायत सदस्य और नॉर्थ 24 परगना जा परिषद मत्स पालन संघ का अध्यक्ष भी बना था. सत्ताधारी पार्टी का नेता होने की वजह से हमेशा ही प्रशासन की कृपा इस पर बनी रही थी और ये आसानी से संदेशखाली में अपना जंगलराज चलाता रहा था.