TCS Nashik: नासिक कोर्ट ने शनिवार को टीसीएस नासिक यूनिट से जुड़े यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के मामले में प्रमुख आरोपी निदा खान की अग्रिम जमानत अर्जी को अस्वीकार कर दिया. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केजी जोशी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया. कोर्ट ने कहा कि निदा खान इस मामले की मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल हैं. इसलिए उनकी हिरासत में पूछताछ जरूरी है.
पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अजय मिसार ने बताया कि अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निदा की भूमिका को काफी अहम माना. उन्होंने कहा कि निदा पर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रचने, तरीके सिखाने, गवाहों को धमकाने और मामले में सक्रिय रूप से शामिल होने का आरोप है. विस्तृत आदेश अभी उपलब्ध नहीं हुआ है.
26 वर्षीय निदा खान पहले नासिक की टीसीएस यूनिट में कार्यरत थीं. करीब दो महीने पहले उनका ट्रांसफर मुंबई के मलाड-हीरानंदानी इलाके में कर दिया गया था. मामले के सामने आने के बाद उन्हें नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया. उनके पति मोइन नवीद इकबाल खान ने हाल ही में मुंब्रा में अमेजन वेब सर्विसेज (AWS) में नई नौकरी जॉइन की थी.
इस पूरे प्रकरण में कुल आठ आरोपी हैं, जिनमें से सात को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. नासिक पुलिस फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच की अवधि में 8 महिला कर्मचारियों द्वारा दर्ज की गई 9 शिकायतों की जांच कर रही है. इनमें मानसिक उत्पीड़न और यौन उत्पीड़न के आरोप शामिल हैं. जांच को तेज करने के लिए हाल ही में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. अदालत के इस फैसले के बाद निदा खान की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है.