नीतीश ने नहीं की सम्राट चौधरी से मुलाकात, बदलेंगे पाला!

Global Bharat 04 Jun 2024 2 Mins 468 Views
नीतीश ने नहीं की सम्राट चौधरी से मुलाकात, बदलेंगे पाला!

मतगणना के बीच बिहार से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है. जानकारी मिली है कि नीतीश कुमार ने मिलने से इनकार कर दिया है. दरअसल, पटना में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के कारों का काफिला नीतीश के आवास के बाहर पहुंचता है, सम्राट चौधरी नीतीश कुमार को फोन मिलाते हैं, पर नीतीश कुमार बहाना मार देते हैं और कहते हैं मुलाकात करने की इच्छा ही नहीं है.

ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या नीतीश कुमार की अंतरात्मा से फिर से आवाज उठने लगी है. क्या उन्हें ये लगने लगा है कि एनडीए में रहना अब ठीक नहीं है. क्योंकि नीतीश कुमार की पार्टी ने इस चुनाव में बीजेपी की तुलना में अच्छा प्रदर्शन किया है.

चुनाव आयोग के अधिकारिक आंक़ड़े में बिहार में बीजेपी के हाथ में 12 सीटें जबकि जेडीयू के हाथ में 13 सीटें आती दिख रही है. मोदी के हनुमान चिराग पासवान के हाथ में 5 सीटें नजर आ रही है. शायद यही वजह है कि अमित शाह ने चिराग पासवान को जीत की बधाई दी और फोन कर चुनावी नतीजों पर बात की, क्योंकि नीतीश कुमार कब पाला बदल दें कोई नहीं जानता.

यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को भी शाह ने फोन मिलाया, जिसके बाद ये कहा जा रहा है कि बीजेपी हाईकमान भी इस बात को लेकर चिंतित है कि नीतीश कुमार कहीं पाला न बदल लें. बिहार में लंबे वक्त से ऐसी चर्चा चल रही है कि नीतीश कुमार की दिल्ली वाली इच्छा लगातार बढ़ रही है, इसलिए मुख्यमंत्री का पद छोड़ने को तैयार हैं.

नतीजे से ठीक पहले वो वो दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात कर ये प्रस्ताव रखते हैं कि मुझे केन्द्र में दो सीटें मिलनी चाहिए. उस पर उन्हें नतीजों का इंतजार करने को कहा गया. और जब नतीजे आए तो नीतीश कुमार ने जैसे ही देखा कि मेरी सीटें ज्यादा है, मेरी पार्टी छोटे भाई की भूमिका में नहीं, बल्कि बड़े भाई की भूमिका में है, तो तुरंत नीतीश कुमार के तेवर बदल गए.

नीतीश बाबू ने सम्राट चौधरी से मिलने से भी मना कर दिया, आपको याद होगा जब नीतीश कुमार ने तेजस्वी वाला गठबंधन तोड़ा था तब भी यही हुआ था और फिर नीतीश कुमार चुपके से खिसक लिए थे. ऐसी ख़बरें हैं कि नीतीश कुमार को इंडिया गठबंधन ने डिप्टी पीएम पद ऑफर किया है, और अगर नीतीश इंडिया गठबंधन के प्रस्ताव को स्वीकारते हैं तो फिर बिहार में खेला होना तय है, और बिहार को एक बार फिर शपथग्रहण हो सकता है.