नई दिल्ली: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) को राजधानी में बड़ा झटका लगा है. दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर ‘संविधान बचाओ-शरिया बचाओ’ प्रदर्शन की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है. हालिया उग्र विरोध प्रदर्शनों से सबक लेते हुए दिल्ली पुलिस ने अत्यधिक सतर्कता बरती और बोर्ड को धरना देने की मंजूरी नहीं दी. अनुमति निरस्त होने के बाद बोर्ड ने रणनीति बदलते हुए प्रेस क्लब ऑफ इंडिया से आंदोलन की औपचारिक शुरुआत करने का फैसला लिया है.
क्या है पूरा मामला?
AIMPLB समान नागरिक संहिता (UCC) और वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाने की तैयारी में था. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 2029 तक सभी राजग शासित राज्यों में UCC लागू करने का रोडमैप पेश किए जाने के बाद बोर्ड आक्रामक रुख अपनाए हुए है. वक्फ कानून में बदलाव और शैक्षणिक संस्थानों में वंदे मातरम के सभी छह छंद अनिवार्य किए जाने का भी बोर्ड विरोध कर रहा है. मुस्लिम संगठनों का आरोप है कि इन कदमों से उनके धार्मिक अधिकारों और व्यक्तिगत कानूनों में सीधा हस्तक्षेप हो रहा है.
आगे की रणनीति
जंतर-मंतर पर रोक के बावजूद बोर्ड पीछे हटने को तैयार नहीं है. आज प्रेस क्लब में साझा पत्रकार वार्ता कर अभियान की रूपरेखा रखी जाएगी. देश के विभिन्न हिस्सों में जनसभाएं आयोजित की जाएंगी. राज्यपालों और जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा.
कानूनी विशेषज्ञों के साथ मिलकर इन कानूनों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की भी तैयारी है. दूसरी ओर, विहिप का दावा है कि ज्यादातर मुस्लिम समाज UCC के पक्ष में है, क्योंकि इससे महिलाओं को समानता मिलेगी. दिल्ली पुलिस की इस सख्ती से साफ है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था को लेकर कोई ढील देने का मूड नहीं है.