न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के मंच पर भारत ने आतंकवाद और उसे सरकारी संरक्षण देने वाले पाकिस्तान की कलई एक बार फिर खोलकर रख दी है। भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे संगठन 'मानव जाति के राक्षस' हैं। वैश्विक शांति के लिए इन आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह और खाद-पानी देने वाले पूरे इको-सिस्टम को जड़ से उखाड़ फेंकना बेहद जरूरी है।
'गुफाओं में नहीं, रिहायशी ठिकानों में छिपे थे 9/11 के मास्टरमाइंड'
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वथानेनी हरीश ने पाकिस्तान पर कूटनीतिक वार करते हुए 9/11 हमलों के मास्टरमाइंड्स का कच्चा चिट्ठा खोल दिया। उन्होंने दुनिया को याद दिलाया कि आतंकी नेता किसी बीहड़ या बिना शासन वाले इलाके में नहीं, बल्कि पाकिस्तान के सैन्य छावनी और शहरी इलाकों में सुरक्षित बैठे थे।
राजदूत हरीश ने कहा कि 9/11 की साजिश रचने और फंडिंग करने वाले ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान के एबटाबाद में एक पहरेदार वाले किलेनुमा घर में छिपाकर रखा गया था, जिसे अमेरिकी सेना ने 'ऑपरेशन नेपच्यून स्पीयर' में ढेर किया। इसके अलावा, मुख्य साजिशकर्ता खालिद शेख मोहम्मद और रम्ज़ी बिन अल-शिभ भी पाकिस्तानी शहरों के रिहायशी इलाकों से ही पकड़े गए थे।
लश्कर और जैश पर कड़ा प्रहार
भारतीय राजदूत ने चेतावनी दी कि अल-कायदा का नेटवर्क सिर्फ अफगानिस्तान तक सीमित नहीं था, बल्कि उसने पाकिस्तान में गहरी रणनीतिक पैठ बनाई। जिन सुरक्षित ठिकानों ने कभी 9/11 के मास्टरमाइंड्स को पनाह दी थी, उन्हीं ठिकानों पर आज लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे खूंखार आतंकी संगठन फल-फूल रहे हैं।
'आतंक की इस गंदगी को खत्म करना जरूरी'
भारत ने दो टूक लहजे में कहा कि ये आतंकी जंगलों या गुफाओं में छिपे भगोड़े नहीं थे, बल्कि एक सुनियोजित सरकारी तंत्र के तहत सुरक्षित बचाए जा रहे थे। हरीश ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि दुनिया को सुरक्षित रखना है तो इंसानियत के इन दरिंदों को संरक्षण देने वाले पूरे आतंकी ढांचे और उनके आकाओं की इस 'गंदगी' को पूरी तरह खत्म करना होगा।