लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान प्रदेश में चल रही ढांचागत विकास परियोजनाओं, पर्यावरण अभियानों और डिजिटल वित्तीय नीतियों को लेकर अपनी राय रखी। प्रेस को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, हालिया एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के रखरखाव और सपा कार्यकाल में बने प्रोजेक्ट्स की तुलनात्मक स्थिति पर चर्चा की। इस दौरान पूर्व मंत्री राम आश्रय कुशवाहा ने भी समाजवादी पार्टी की औपचारिक सदस्यता ग्रहण की।
परियोजनाओं की गुणवत्ता और रखरखाव पर सपा प्रमुख के विचार
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने राज्य में हाल ही में बने एक्सप्रेसवे के बुनियादी ढांचे और उनके नियमित रखरखाव का जिक्र किया। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि संचालन शुरू होने के बाद भी कई हिस्सों में मेंटेनेंस का काम लगातार जारी है। इसी क्रम में उन्होंने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से संबंधित एक वीडियो फुटेज भी मीडिया के सामने प्रदर्शित की।
अखिलेश यादव ने कहा कि सपा शासनकाल में निर्मित आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और गोमती रिवरफ्रंट जैसे प्रोजेक्ट्स की इंजीनियरिंग और डिजाइनिंग आज भी मजबूत मानकों पर खरी उतरती है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व की सपा सरकार द्वारा छात्रों को वितरित किए गए लैपटॉप की कार्यक्षमता का भी उल्लेख किया।
डिजिटल लेन-देन और वृक्षारोपण अभियान पर जताई असहमति
व्यापारिक लेन-देन में यूपीआई (UPI) पर लगाए जा रहे शुल्कों का मुद्दा उठाते हुए सपा प्रमुख ने वर्तमान व्यवस्था पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान पर इस प्रकार के अतिरिक्त भार से मध्यम और छोटे व्यापारियों पर असर पड़ता है और इन नीतियों की समीक्षा होनी चाहिए।
इसके अतिरिक्त, प्रदेश में 200 करोड़ पौधे रोपने के आधिकारिक लक्ष्य पर अखिलेश यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर हुए पौधारोपण के लिए उपलब्ध जमीन और रोपे गए पौधों की वास्तविक स्थिति को लेकर स्पष्ट आंकड़े सामने आने चाहिए। तुलना करते हुए उन्होंने बताया कि सपा सरकार के दौरान एक निश्चित क्षेत्र (1,000 एकड़) में 1 लाख 34 हजार पौधों का व्यवस्थित रोपण कराया गया था।
पूर्व मंत्री राम आश्रय कुशवाहा सपा में शामिल
प्रेसवार्ता के दौरान राजनीतिक हलचल भी देखने को मिली। पूर्व मंत्री राम आश्रय कुशवाहा ने भाजपा छोड़कर पुनः समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली। मंच से पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के आदर्शों को याद किया और आगामी चुनावों में समाजवादी पार्टी को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।