वाशिंगटन: मरने के बाद क्या होता है? इस सवाल का जवाब शायद कोई नहीं जानता, लेकिन अमेरिका की 33 वर्षीय महिला ब्रिआना लैफर्टी (Brianna Lafferty) ने अपना अनुभव साझा किया है. वह करीब 8 मिनट तक क्लिनिकली डेड रहीं. दिल की धड़कनें रुक गई थीं और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था. ब्रिआना बताती हैं कि जब उनकी आत्मा शरीर से अलग हो रही थी, तब वे अपने शरीर को साफ-साफ देख पा रही थीं.
शरीर काम करना बंद कर रहा था, लेकिन उन्हें किसी तरह का दर्द महसूस नहीं हो रहा था. बल्कि एक अलग तरह की शांति का अनुभव हो रहा था. यह अनुभव डरावना नहीं, बल्कि बेहद शांत था. शरीर से अलग होने के बाद उन्हें एक आवाज सुनाई दी, जिसने उनसे पूछा- ''क्या तुम तैयार हो?'' इसके बाद उन्हें अंधेरे जैसा महसूस हुआ. इस अनुभव के बाद मौत को लेकर उनका नजरिया पूरी तरह बदल गया.
उन्हें समझ आ गया कि मौत के बाद भी एक दुनिया है और इंसान का अस्तित्व सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं है. ब्रिआना कहती हैं कि मौत सिर्फ एक भ्रम है. शरीर खत्म होने के बाद भी चेतना किसी रूप में बनी रहती है. आत्माओं की अपनी अलग दुनिया होती है. ऐसा लगता है जैसे कई परिचित लोग मौजूद हैं, लेकिन खुद के बारे में कुछ याद नहीं रहता.
साइंस क्या कहता है?
ऐसे अनुभव को नियर-डेथ एक्सपीरियंस (NDE) कहा जाता है. कई लोग तेज रोशनी, शरीर से अलग होने का एहसास और गहरी शांति बताते हैं. हालांकि साइंस इसे व्यक्तिगत अनुभव मानता है और मरने के बाद जीवन का कोई पक्का सबूत नहीं स्वीकार करता. ब्रिआना का यह अनुभव अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.