नई दिल्ली: मथुरा की अदालत ने एक सनसनीखेज फैसले में हाथरस पुलिस के 15 अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने माना कि फरह क्षेत्र के ग्राम प्रधान हरेंद्र सिंह को फरवरी 2025 में पुलिस ने जबरन उठाया, फर्जी मुठभेड़ दिखाकर दोनों टांगों में गोली मारी और जेल भिजवाया था.
ग्राम प्रधान के पिता गजेंद्र सिंह ने कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किए, जिसमें घर में घुसते पुलिसकर्मियों की CCTV फुटेज, टोल प्लाजा से पुलिस गाड़ी के गुजरने के रिकॉर्ड और पुलिसकर्मियों के मोबाइल की उस रात फरह में मौजूदगी की लोकेशन शामिल थे.
गजेंद्र का आरोप है कि 25 फरवरी 2025 को तड़के 4 बजे हाथरस SOG इंचार्ज धीरज गौतम, कोतवाली प्रभारी सत्येंद्र सिंह राघव सहित भारी पुलिस बल दीवार फांदकर घर में घुसा. हरेंद्र को पीटते हुए गाड़ी में डाला, उसकी पत्नी का फोन, घर से 50 हजार नकद लूट लिए. फिर सादाबाद क्षेत्र में रात 10 बजे फर्जी एनकाउंटर दिखाकर उसे गोली मारी गई और जेल भेज दिया गया.
कोर्ट ने सबूतों से संतुष्ट होकर 27 नवंबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उत्सव गौरव राज ने फरह थाना प्रभारी को सख्त आदेश दिया कि सभी 15 नामजद पुलिसकर्मियों (जिनमें SI सत्यवीर सिंह, रणजीत सिंह, मनोज कुमार आदि शामिल हैं) के खिलाफ हत्या का प्रयास, लूट, अपहरण, सरकारी शक्ति का दुरुपयोग समेत गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की जाए.
फरह थाना प्रभारी त्रिलोकी सिंह ने बताया कि कोर्ट का आदेश मंगलवार रात मिल गया है और अब तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई है. पुलिस महकमे में इस फैसले से हड़कंप मच गया है. फिलहाल ग्राम प्रधान हरेंद्र जमानत पर बाहर हैं. मामले की गूंज पूरे उत्तर प्रदेश में सुनाई दे रही है.