डोडा एनकाउंटर में सेना के 4 जवानों की शहादत पर बोलते हुए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि केंद्र सरकार आतंकवाद को नियंत्रित करने में असमर्थ है. उन्होंने यह भी कहा कि डोडा एनकाउंटर भाजपा सरकार की विफलता है. उन्होंने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में जो हो रहा है उसमें पाकिस्तान का कम चीन का ज्यादा हाथ है.
उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि अगर मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार 'घर में घुस कर मारेंगे' की नीति पर चल रही है तो वहां क्या हो रहा है? उन्होंने कहा कि हमलों की यह श्रृंखला सरकार की विफलता को दर्शाती है. ओवैसी ने कहा है कि पीएम मोदी की सरकार आतंकवाद को नियंत्रित करने में असमर्थ हैं. उन्होंने कहा है कि डोडा में जो कुछ भी हुआ है वह बहुत खतरनाक है.
बता दें कि सोमवार शाम को डोडा के देसा वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई. कार्रवाई में शहीद हुए जवानों की पहचान कैप्टन बृजेश थापा, नायक डी राजेश, सिपाही बिजेंद्र और सिपाही अजय के रूप में हुई है. जम्मू-कश्मीर के डीजीपी आरआर स्वैन की पाकिस्तान पर टिप्पणी को लेकर ओवैसी ने कहा कि डीजीपी अपनी विफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं.
ओवैसी ने कहा है कि डीजीपी वहां क्या कर रहे हैं? आपने कश्मीर बार काउंसिल के चेयरमैन पर यूएपीए लगाया है. डोडा में आज के हमले में, जो एलओसी से बहुत दूर है, आतंकवादी क्षेत्र के इतने अंदर कैसे घुस आए? इसके लिए कौन जिम्मेदार है? वह अपनी विफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं.
ओवैसी ने कहा है कि हाल ही में लोकसभा चुनाव संपन्न हुए हैं और केंद्र शासित प्रदेश में मतदान प्रतिशत बहुत अधिक था. अब जब डीजीपी ऐसा कुछ कह रहे हैं, तो क्या आप यह कहने की कोशिश कर रहे हैं कि चुनावों में धांधली हुई थी? 2021 से जम्मू में 50 से अधिक सुरक्षाकर्मी और 19 नागरिक मारे गए हैं. हाल ही में, 10 तीर्थयात्री मंदिर गए और इन आतंकवादियों ने उनकी हत्या कर दी. हैदराबाद के सांसद ने सरकार से सवाल भी किया, पूछा, आपका सूचना नेटवर्क कहां है?
स्थानीय लोग आपकी मदद क्यों नहीं कर रहे हैं? आप युवाओं को विश्वास में क्यों नहीं ले रहे हैं? वे कहते हैं कि उन्होंने अनुच्छेद 370 हटा दिया है और सब कुछ खत्म हो गया है. यह नरेंद्र मोदी की सरकार की विफलता है. डीजीपी को सत्तारूढ़ पार्टी का प्रवक्ता नहीं बनना चाहिए. अगर उनका इरादा है, तो उन्हें भाजपा में शामिल हो जाना चाहिए.