पहलगाम में मारे गए लेफ्टिनेंट की पत्नी को ट्रोल कर रहे लोगों को महिला आयोग की चेतावनी

Amanat Ansari 05 May 2025 02:00: PM 3 Mins
पहलगाम में मारे गए लेफ्टिनेंट की पत्नी को ट्रोल कर रहे लोगों को महिला आयोग की चेतावनी

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले में नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की मौत के बाद उनकी पत्नी हिमांशी नरवाल इस त्रासदी का चेहरा बन गईं. अपने पति के शव के पास चुपचाप बैठी उनकी तस्वीर ने लाखों लोगों का दिल छू लिया था. लेकिन, जब हिमांशी ने लोगों से मुस्लिमों और कश्मीरियों को निशाना न बनाने की अपील की, तो सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ नफरत भरी टिप्पणियों की बाढ़ आ गई. इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने कड़ा रुख अपनाया है और ट्रोल करने वालों को संयम बरतने की चेतावनी दी है. यह विवाद 4 मई 2025 को तब सुर्खियों में आया, जब एनसीडब्ल्यू ने हिमांशी के समर्थन में बयान जारी किया.

हिमांशी ने क्या कहा?

पिछले हफ्ते एक इंटरव्यू में हिमांशी ने पहलगाम हमले को लेकर अपनी बात रखी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी. शादी के महज छह दिन बाद पति को खोने के गम में डूबी हिमांशी ने कहा, “हम नहीं चाहते कि लोग मुस्लिमों और कश्मीरियों को निशाना बनाएं. हम शांति और न्याय चाहते हैं. जिन लोगों ने मेरे पति के साथ गलत किया, उन्हें सजा मिलनी चाहिए.” उनकी इस अपील ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया उभारी. कुछ यूजर्स ने उन्हें “आतंकवादियों का समर्थक” करार दिया, तो कुछ ने दावा किया कि वह इस घटना का इस्तेमाल “सामाजिक और राजनीतिक सीढ़ी चढ़ने” के लिए कर रही हैं. एक यूजर ने तो यह तक लिखा, “उन्हें गोली मार देनी चाहिए थी.”

कई लोगों ने हिमांशी के वीडियो में उनकी “स्थिरता” पर सवाल उठाए और कहा कि वह “हैरान नहीं दिखीं.” कुछ ने तो उनकी पृष्ठभूमि की जांच की मांग करते हुए इसे “साजिश” बताया. एक अन्य यूजर ने लिखा, “यह धर्मनिरपेक्षता नहीं, बल्कि इस्लामी आतंकवादियों का खुला समर्थन है.”

महिला आयोग का सख्त बयान

हिमांशी के खिलाफ बढ़ती ट्रोलिंग को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने 4 मई 2025 को X पर एक बयान जारी किया. आयोग ने कहा, “लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की मौत के बाद उनकी पत्नी हिमांशी नरवाल को उनके बयान के लिए सोशल मीडिया पर जिस तरह आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है.” एनसीडब्ल्यू ने माना कि हिमांशी का बयान कई लोगों को पसंद नहीं आया होगा, लेकिन किसी महिला को उसकी विचारधारा या निजी जीवन के आधार पर इस तरह निशाना बनाना पूरी तरह गलत है. आयोग ने कहा, “पहलगाम में हुए जघन्य कृत्य से देश आहत और गुस्से में है, लेकिन असहमति को हमेशा शालीनता और संवैधानिक सीमाओं में व्यक्त करना चाहिए.”

ओवैसी और समर्थकों का साथ

हिमांशी को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और सोशल मीडिया पर हजारों लोगों का समर्थन मिला. ओवैसी ने X पर लिखा, “आतंकियों ने हमारी बेटी (हिमांशी) की जिंदगी तबाह कर दी, फिर भी उन्होंने अपने दुख में कहा कि वे नहीं चाहतीं कि इस त्रासदी से मुस्लिमों या कश्मीरियों के खिलाफ नफरत फैले. मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार उनके शब्दों को याद रखेगी. नफरत फैलाने वाले लोग वही हैं, जो आतंकियों को खुशी देते हैं.” ओवैसी ने यह भी कहा कि कुछ राज्यों में कश्मीरियों को निशाना बनाए जाने की खबरें चिंताजनक हैं.

सोशल मीडिया पर दो धड़े

सोशल मीडिया पर इस मामले ने लोगों को दो खेमों में बांट दिया है. एक तरफ वे लोग हैं, जो हिमांशी के शांतिपूर्ण संदेश की तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग उनके बयान को देश के खिलाफ बता रहे हैं. हिमांशी की तस्वीर, जिसमें वह बैसारन घाटी में अपने पति के शव के पास बैठी थीं, पहले देशभर में वायरल हुई थी. लेकिन अब वही लोग, जो उनकी तारीफ कर रहे थे, उनके खिलाफ नफरत भरे कमेंट्स कर रहे हैं.

Pahalgam terror attack Himanshi Narwal Lt. Vinay Narwal National Commission for Women

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