नई दिल्ली: पहलगाम में हुए कायराना हमले के बाद भारत सरकार और भारतीय सेना पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुकी है. पूरा विपक्ष पाकिस्तान के ऊपर हमला करने के समर्थन में है. ऐसे में पाकिस्तान को भी इस बात का डर सताने लगा है कि कभी भी भारतीय सेना उन पर हमला कर सकती है. यही वजह है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनिर ने अपने परिवार को प्राइवेट एयरक्राफ्ट से विदेश भेज दिया है. और सिर्फ मुनिर ही नहीं बल्कि सेना के कई ऑफिसर अपने परिवारों को प्राइवेट एयरक्राफ्ट से ब्रिटेन और न्यू जर्सी भेज रहे हैं.
पीएम मोदी ने दी थी चेतावनी
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार की एक रैली से साफ शब्दों में कहा था कि पहलगाम हमले के पीछे जो लोग पाकिस्तान में छिपे हुए हैं उन्हें भी ढूंढ-ढूंढ कर मारा जाएगा, एक भी साजिशकर्ता को छोड़ा नहीं जाएगा. जिसके बाद शाम को सर्वदलीय बैठक दिल्ली में हुई थी. इस बैठक में कांग्रेस समेत हर पार्टी ने केंद्र सरकार का समर्थन किया था. विपक्ष का कहना था कि सरकार जो भी कदम उठाएगी हम उसका समर्थन करेंगे. इसी के बाद से पाकिस्तान को हमले का डर सताने लगा है. और अब ये खौफ इतना बढ़ चुका है कि वहां के प्रमुख लोगों ने अपने परिवार को सुरक्षित जगहों पर भेजना शुरू कर दिया है.
भारतीय सेना प्रमुख का कश्मीर दौरा
दोनों देशों की तनातनी के बीच भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी श्रीनगर भी पहुंचे थे, इस दौरान उनके साथ सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एमवी सुचिंद्र कुमार भी मौजूद थे. जब ये तस्वीरें सामने आई तो इस बात का अंदाजा लगाया जाने लगा कि सेना प्रमुख खास संदेश लेकर श्रीनगर पहुंचे थे, उन्होंने सेना के जवानों को किसी भी वक्त दुश्मन पर हमला करने के लिए तैयार रहने का संदेश दिया है. जबकि इससे पहले पहलगाम हमले के बाद भारत ने अरब सागर में भारत के जंगी जहाज INS सूरत से एक मिसाइल का परीक्षण करते ये संदेश कि समुंदर से अगर पाकिस्तान ने कोई चाल चली तो उसे हवा में ही धुआं-धुआं कर दिया जाएगा.
इसके अलावा जब पाक सेना ने अरब सागर में फायरिंग ड्रिल की तो उसका मुंहतोड़ जवाब देते हुए भारतीय नौसेना ने INS विक्रांत को सागर के बीच उतार दिया. इस पर मिग-29 जैसे खतरनाक फाइटर जेट और दुश्मनों का शिकार करने वाले लड़ाकू हेलिकॉप्टर भी तैनात किये गए हैं. विक्रांत को ग्वादर पोर्ट की तरफ रवाना किया जा चुका है, जिससे कि युद्ध के हालात में पाकिस्तानी नौसेना को उन्हीं के इलाके में जाकर पानी में ही दफन किया जा सके.
एक्शन मोड में है केंद्र सरकार
केंद्र सरकार भी पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रही है, सरकार की तरफ से पाकिस्तान के सभी वीजा रद्द कर दिये गए हैं. और साफ संदेश जारी कर दिया गया है कि जितने भी पाकिस्तानी भारत के अंदर मौजूद हैं वो तुरंत हमारा देश छोड़ कर अपने मुल्क वापस लौट जाएं. इस काम के लिए उन्हें 48 घंटे का समय दिया गया है. तो वहीं अटारी बॉर्डर को सील कर दिया गया है. इसके साथ ही सिंधु जल समझौता रद्द करके पाकिस्तान को प्यास से तड़पाने की तरफ भी भारत सरकार कदम बढ़ा चुकी है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की हर राज्य में ये संदेश भिजवाया है कि सभी मुख्यमंत्री अपने-अपने प्रदेश में पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान करें, और उन्हें तुरंत पाकिस्तान भेजने का इंतजाम किया जाए. भारत के इस एक्शन को देखने के बाद पाकिस्तान के अंदर पूरी तरह से मातम पसर गया है. वहां की सरकार और सेना अपने करनी पर पछता रही है. क्योंकि ये बात वो भी अच्छी तरह जानते हैं कि अगर भारत ने अटैक किया तो उन्हें बचाने के लिए कोई भी देश बीच में नहीं आएगा. भारत के जिस कश्मीर पर पाकिस्तान ने कब्जा करके आतंक की फैक्ट्री बनाई हुई है वो तो छोड़ना पड़ेगा, इसके अलावा जो बरबादी होगी उसकी भरपाई पाकिस्तान अगले 20 साल में भी नहीं कर सकेगा.