नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा राजनयिक कदम उठाया. इससे पाकिस्तान बौखला गया है और वाघा सीमा को बंद कर दिया है. साथ ही भारतीय नागरिकों के लिए सार्क वीजा रद्द कर भारतीय एयरलाइंस के लिए अपने हवाई क्षेत्र को भी बंद कर दिया है. पाकिस्तान ने शिमला समझौते का हवाला देते हुए कहा कि वह भारत के साथ सभी द्विपक्षीय समझौतों को तब तक निलंबित रखेगा, जब तक भारत "अंतरराष्ट्रीय कानून और कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों" का पालन नहीं करता.
बता दें कि पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक की, जिसकी जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने की. बैठक के बाद पाकिस्तान ने भारत के कदमों को "एकतरफा, अन्यायपूर्ण, राजनीति से प्रेरित और कानूनी आधार से रहित" करार दिया.
बौखला कर उठाया ये कदम
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव
भारत ने पहलगाम हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है, जिसे वह हाल के वर्षों में घाटी में हुए सबसे घातक नागरिक हमलों में से एक मानता है. भारत ने बार-बार पाकिस्तान पर आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाया है. दूसरी ओर, पाकिस्तान ने इन आरोपों को "निराधार और तर्कहीन" करार दिया है. दोनों देशों के बीच यह ताजा तनाव भारत-पाकिस्तान संबंधों को और खराब कर सकता है.
फैसले का क्या होगा प्रभाव
पाकिस्तान के इन कदमों से दोनों देशों के बीच आवागमन, व्यापार और राजनयिक संबंध लगभग ठप हो जाएंगे. वाघा सीमा बंद होने से सांस्कृतिक और पारिवारिक रिश्तों पर असर पड़ेगा, जो इस मार्ग के माध्यम से संपन्न होते थे. हवाई क्षेत्र बंद होने से भारतीय एयरलाइंस को लंबे मार्ग अपनाने पड़ सकते हैं, जिससे उड़ानों की लागत और समय बढ़ेगा. व्यापार निलंबन से दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर भी असर पड़ सकता है. इसके अलावा, शिमला समझौते जैसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय समझौतों का निलंबन दोनों देशों के बीच विश्वास को और कम करेगा.