न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार और भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी के बीच पाकिस्तान, तुर्की और इटली समेत 12 देशों के समूह ने फिर विरोध जताया है. ‘यूनाइटिंग फॉर कंसेंसस’ (UfC) नाम के इस समूह ने नई स्थायी सीटें बनाने का विरोध दोहराया है. संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें अधिवेशन के दौरान इस समूह ने संयुक्त बयान जारी किया.
समूह ने कहा कि नई स्थायी सीटें बनाने के बजाय चुने हुए (अस्थायी) सदस्यों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए. इसका लक्ष्य एक ऐसी परिषद बनाना है जो ज्यादा प्रतिनिधित्व वाली, लोकतांत्रिक, पारदर्शी, जवाबदेह और असरदार हो. चुनी हुई सदस्यता बढ़ाने से अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने में मदद मिलेगी और संप्रभु समानता का सिद्धांत भी बना रहेगा.
क्या है कॉफी क्लब?
इस 12 सदस्यीय समूह को ‘कॉफी क्लब’ भी कहा जाता है. इसमें पाकिस्तान, इटली, तुर्की, दक्षिण कोरिया, स्पेन, अर्जेंटीना, कनाडा, कोलंबिया, कोस्टारिका, माल्टा, मेक्सिको और सैन मैरिनो शामिल हैं. यह समूह उन देशों का विरोध करता है जो भारत की तरह स्थायी सदस्यता बढ़ाने के पक्ष में हैं. इसी विरोध के कारण टेक्स्ट-आधारित बातचीत पर सहमति नहीं बन पाई है.
वीटो पावर के खिलाफ
कॉफी क्लब वीटो पावर का भी विरोध करता है और इसे पूरी तरह खत्म करने की मांग करता है. ताजा बयान में समूह ने कहा कि वह वीटो को समाप्त करने का समर्थन करता है. साथ ही बड़े पैमाने पर अत्याचार और युद्ध अपराध जैसे खास हालात में इसके इस्तेमाल को सीमित करने के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग की.
हाल ही में तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने ब्लूमबर्ग में लेख लिखकर वीटो पावर खत्म करने की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि पांच देश दुनिया का प्रतिनिधित्व नहीं करते और स्थायी सदस्यों को निश्चित अवधि के लिए चुना जाना चाहिए. भारत लगातार UNSC में स्थायी सदस्यता की मजबूत दावेदारी कर रहा है, लेकिन कॉफी क्लब का विरोध प्रक्रिया में बाधा बना हुआ है.