नई दिल्ली: बिहार के जमुई जिले में बुधवार सुबह एक अनोखी घटना ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया. शहर के प्रमुख स्थानों जैसे के.के.एम. कॉलेज मुख्य द्वार, कचहरी चौक, रजिस्ट्री कार्यालय और अन्य सार्वजनिक इलाकों में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती को 'लापता' घोषित करने वाले पोस्टर चस्पा कर दिए गए. इन पोस्टरों में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बहनोई को गायब बताया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर खासी चर्चा शुरू हो गई.
लोगों ने इन पोस्टरों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जो कुछ ही घंटों में वायरल हो गईं. सोशल प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स का कहना है कि सांसद लंबे समय से अपने निर्वाचन क्षेत्र में नजर नहीं आ रहे, जिसके कारण जनता की समस्याएं अनसुलझी पड़ी हैं. खास तौर पर हालिया सिमुलतला के पास हुए मालगाड़ी हादसे के बाद सांसद की अनुपस्थिति पर लोगों में रोष व्याप्त है. माना जा रहा है कि इसी असंतोष की अभिव्यक्ति के रूप में अज्ञात लोगों ने ये पोस्टर लगाए हैं.
पोस्टरों पर किसी व्यक्ति या संगठन का नाम नहीं होने से मामला और रहस्यमय हो गया है. कुछ इसे जनता की वास्तविक नाराजगी का प्रतीक बता रहे हैं, तो कुछ राजनीतिक साजिश या मजाक मान रहे हैं. सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया. पोस्टरों को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है. साथ ही, सीसीटीवी फुटेज की जांच कर पोस्टर लगाने वालों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने पर जिम्मेदारों पर उचित कार्रवाई होगी. फिलहाल सांसद अरुण भारती या उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से इस घटना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सांसद के गायब होने की अफवाहें निराधार हैं, लेकिन पोस्टरों के पीछे के उद्देश्य की गहन जांच आवश्यक है. यह घटना जमुई की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है.