Lawrence Bishnoi vs Pappu Yadav: लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) के नाम से सलमान खान (Salman Khan) जितना नहीं डरे हैं, उससे ज्यादा पप्पू यादव (Pappu Yadav) डरे हुए हैं. पत्रकार नाम लेकर सवाल पूछ रहा है तो भड़क जा रहे हैं. ये वही पप्पू यादव हैं, जो बाबा सिद्दीकी (Baba Siddiqui) वाली घटना के बाद कह रहे थे सरकार अनुमति दे दे तो 24 घंटे में लॉरेंस का गैंग ठीक कर दूंगा. बकायदा ट्वीट करके ये बात उन्होंने लिखी थी, लेकिन जब एक पत्रकार ने फोन कर उनसे जानना चाहा कि बताइए कैसे करेंगे तो बोले अभी व्यस्त हूं, बाद में कीजिएगा और उसके बाद जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे तो पप्पू यादव पत्रकार पर ही भड़क गए.
इनकी ये भाषा साफ बताती है इनके अंदर पहले वाली बात नहीं रही, फिर ये ट्वीट किया क्यों? ये बड़ा सवाल है. एक जमाना वो भी था पप्पू यादव उर्फ राजेश रंजन से बिहार के गुंडे-बदमाश भी कांपा करते थे. वे पूर्णिया के बाहुबली नेता हैं, जो 17 साल तक जेल में रहे थे. मधेपुरा में साल 1967 में जन्मे पप्पू यादव जमींदार परिवार से आते हैं. इन पर हत्या, अपहरण, मारपीट, बूथ कैपचरिंग और आर्म्स एक्ट जैसे मुकदमे दर्ज हो चुके हैं.
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता अजीत सरकार (Ajit Sarkar) के मामले में पप्पू यादव 17 साल जेल में रहे. तब पूर्णिया लोकसभा सीट (Purnia Lok Sabha Seat) से सांसद थे. दोषी साबित होने के बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द हो गई थी. लेकिन साल 2013 में पप्पू को कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया. पप्पू यादव लालू यादव के भी दोस्त हुआ करते थे.
साल 1980 के बाद लालू यादव (Lalu Yadav) अपनी सियासत चमकाना चाहते थे. इस दौरान पप्पू यादव का बाहुबल उनके काम आया. कहा जाता है लालू यादव के लिए इन्होंने बूथ कैप्चरिंग भी की. ऐसा कहा जाता है कि बिहार में शायद ही कोई गुंडा-बदमाश है, जो पप्पू यादव से न डरता हो.
बड़े-बड़े गुंडे पप्पू यादव के सामने पेंट गीली कर दिया करते थे. इन दिनों पप्पू यादव अक्सर बाढ़ पीड़ितों की मदद करते हुए देखे जाते हैं. हाल ही में उनका एक वीडियो वायरल हो रहा था, जब वे बाढ़ पीड़ितों को पैसे बांट रहे थे. मतलब पप्पू में अब 360 डिग्री परिवर्तन आ चुका है और कोई भी ऐसा आदमी जब अपनी जिंदगी बदलता है तो फिर दोबारा से उन पचड़ों में नहीं पड़ना चाहता.