हरियाणा में पाकिस्तान समेत इन 4 देशों के भारतीय मूल के लोगों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, सरकार ने लगाई रोक

Amanat Ansari 04 Nov 2026 02:14 PM 1 Mins
हरियाणा में पाकिस्तान समेत इन 4 देशों के भारतीय मूल के लोगों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, सरकार ने लगाई रोक

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने सरकारी नौकरियों की पात्रता नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब तिब्बती शरणार्थियों तथा पाकिस्तान, बर्मा (म्यांमार), श्रीलंका और पूर्वी अफ्रीकी देशों से भारत आए भारतीय मूल के लोगों को हरियाणा में सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी. हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) में नौकरी की पात्रता मुख्य रूप से भारतीय नागरिकों और नेपाल-भूटान के नागरिकों तक सीमित कर दी गई है.

कैबिनेट का फैसला

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा लोक सेवा आयोग (राज्य सेवा समूह-सी) विनियम 2002 में संशोधन को मंजूरी दी गई. इन संशोधनों का उद्देश्य नव-सृजित ग्रुप-सी पदों को शामिल करना और मौजूदा प्रावधानों को नवीनतम सरकारी नियमों के अनुरूप बनाना है. नए नियमों के अनुसार, HPSC में नौकरी के लिए केवल भारतीय नागरिक तथा नेपाल और भूटान के नागरिक पात्र होंगे. नेपाल और भूटान के नागरिकों को सरकार द्वारा जारी पात्रता प्रमाणपत्र मिलने पर ही नियुक्ति दी जा सकेगी.

अन्य महत्वपूर्ण बदलाव

  • आयोग में ग्रुप-सी के कुल 85 स्वीकृत पद होंगे, जिनमें 15 नए पद शामिल हैं. इनमें अनुभाग अधिकारी, उप-अधीक्षक, सहायक, स्टेनोग्राफर, चालक, लिपिक आदि के पद शामिल हैं.
  • मैट्रिक स्तर पर हिंदी विषय की अनिवार्यता में ढील दी गई है. अब मैट्रिक में हिंदी या संस्कृत में से कोई एक विषय, अथवा उच्च शिक्षा स्तर पर हिंदी पढ़ा होना पर्याप्त होगा.
  • जूनियर लेक्चरर असिस्टेंट पद के लिए अभ्यर्थियों को भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित या जीव विज्ञान (PCB) के साथ 12वीं पास करनी होगी. साथ ही किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज में लेबोरेटरी अटेंडेंट के रूप में पांच वर्ष का अनुभव होना आवश्यक है.
  • सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 42 वर्ष रखी गई है. ऊपरी आयु सीमा में छूट हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम 2016 के अनुसार दी जाएगी.
  • आरक्षित श्रेणियों के लिए पर्याप्त अनुभवी उम्मीदवार न मिलने पर अनुभव की आवश्यकता में 50 प्रतिशत तक छूट दी जा सकेगी.

अनुशासनात्मक मामलों और अपील संबंधी प्रावधानों को भी हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के अनुरूप कर दिया गया है. यह निर्णय सरकारी नौकरियों में पात्रता को और स्पष्ट तथा सीमित करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है. 

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