नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और पाकिस्तानी खुफिया नेटवर्क से जुड़ी एक बड़ी साजिश का भंडाफोड़ किया है. गिरफ्तार संदिग्ध हमीम मोंडल और अर्पिता सरकार के पास से मिले डिजिटल सबूतों से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. STF के अनुसार, दोनों मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर हमले की फिराक में थे.
साथ ही हावड़ा के एक वरिष्ठ नेता के बेटे को हनी-ट्रैप कर रंगदारी वसूलने की साजिश रच रहे थे. सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP छात्र आंदोलन में पुलिस की वर्दी पहनकर घुसपैठ कर हिंसा और तोड़फोड़ फैलाने की योजना बना रहे थे. करीब दो महीने पहले हमीम मोंडल का संपर्क इंस्टाग्राम पर पाकिस्तानी हैंडलर्स से हुआ.
बाद में बातचीत वॉट्सऐप, टेलीग्राम, सेशन और एलिमेंट एक्स जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स पर शिफ्ट हो गई. ये हैंडल ‘राणा’, ‘उजैर’ और ‘अबीर जाट 333’ नाम से चल रहे थे, जो शहजाद भट्टी गैंग और जैश से जुड़े बताए जाते हैं. अर्पिता सरकार, जो करीब चार साल से मोंडल के साथ रिश्ते में थी, को हनी-ट्रैप के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था.
STF का बड़ा खुलासा
STF के IG गौरव शर्मा ने बताया कि हावड़ा में एक वरिष्ठ मंत्री के बेटे के अपहरण और हनी-ट्रैप की सूचना मिलने के बाद जांच शुरू हुई. साहिबगंज से सक्रिय गिरोह का पता चला और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तानी हैंडलर्स चाहते थे कि मोंडल पुलिस वर्दी का इंतजाम कर जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के बीच घुसकर बड़ी हिंसक घटना अंजाम दे, ताकि कानून-व्यवस्था बिगड़े.
दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर गहन पूछताछ की जा रही है. STF अब टेरर फंडिंग के सुराग के लिए उनके बैंक खातों और यूपीआई ट्रांजैक्शंस की जांच कर रही है. अन्य सहयोगियों को पकड़ने के लिए कई राज्यों में छापेमारी जारी है.