पटना : बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) की भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक और संगठित नकल गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है. आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच में सामने आया है कि परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक सुपरवाइजर की भूमिका का दुरुपयोग कर अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाए गए थे. इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ जारी है.
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से परीक्षा से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं, इनमें अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, आंसर शीट, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं. प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से परीक्षा प्रक्रिया में सेंध लगाने की कोशिश कर रहा था.
EOU की जांच में यह मामला पहले हुई एक अन्य भर्ती परीक्षा से भी जुड़ता नजर आ रहा है. अधिकारियों का मानना है कि एक ही गिरोह कई सरकारी भर्ती परीक्षाओं को निशाना बना रहा था. इसी कारण जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है और पूरे नेटवर्क की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए BPSSC ने प्रस्तावित भर्ती परीक्षा को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है. आयोग का कहना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा कराना उसकी प्राथमिकता है, इसलिए जांच पूरी होने के बाद ही नई परीक्षा तिथि घोषित की जाएगी.
आर्थिक अपराध इकाई गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल है, कितने अभ्यर्थियों को इसका फायदा पहुंचाया गया और परीक्षा की गोपनीय जानकारी किस तरह बाहर पहुंचाई गई. जांच एजेंसियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.