इंटरनेशनल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने आधिकारिक दौरे पर ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर पहुंच चुके हैं, जहां प्रवासी भारतीयों (Indian Diaspora) ने उनका अभूतपूर्व और भव्य स्वागत किया। मेलबर्न में भारतीय समुदाय के एक विशाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने दोनों देशों के प्रगाढ़ होते संबंधों पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों को वैश्विक स्थिरता के लिए बेहद अहम बताया और भावुक होते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया की धरती पर आकर उन्होंने यहां आने की अपनी 'सफलता की हैट्रिक' पूरी कर ली है।
'रिश्तों की अहमियत और मेरी हैट्रिक'
हजारों की संख्या में जुटे भारतीय प्रवासियों के सामने बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, "भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि दिल के हैं। दोनों देशों की साझेदारी आज के दौर में बेहद अहम हो चुकी है।" अपनी पुरानी यात्राओं का जिक्र करते हुए उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "एक प्रधानमंत्री के रूप में मैंने यहां आने की हैट्रिक लगा दी है। जितनी बार भी मैं यहां आता हूँ, मुझे अपनों के बीच होने का अहसास होता है।" पीएम मोदी के इस बयान पर पूरा हॉल 'मोदी-मोदी' के नारों से गूंज उठा।
व्यापार, तकनीक और हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर जोर
अपनी स्पीच में प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच बढ़ रहे व्यापारिक और रणनीतिक सहयोग के वास्तविक आंकड़ों पर बात की। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 'इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट' (ECTA) के बाद द्विपक्षीय व्यापार में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही उन्होंने डिफेंस, रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में हो रहे ऐतिहासिक समझौतों का भी उल्लेख किया। पीएम मोदी ने साफ किया कि हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए दोनों लोकतांत्रिक देशों का एक साथ खड़े रहना समय की मांग है।
प्रवासी भारतीयों की तारीफ
प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया के विकास में भारतीय प्रवासियों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में बसे भारतीय दोनों संस्कृतियों को जोड़ने वाले सबसे मजबूत सेतु (ब्रिज) हैं। उन्होंने भारतीय समुदाय से अपील की कि वे भारत की विकास यात्रा और डिजिटल क्रांति (जैसे UPI और टेक स्टार्टअप्स) की कहानी को वैश्विक मंच पर इसी तरह आगे बढ़ाते रहें।