नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की "अब और भी बुरा होगा" वाली चेतावनी के कुछ घंटों बाद अमेरिका ने ईरान के दक्षिण-पूर्वी बंदरगाह शहर चाबहार पर हमला कर दिया.
गुरुवार को हुए हमलों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और शहर के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई. यह अप्रैल में घोषित अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद चाबहार पोर्ट पर पहला हमला है. ईरानी मीडिया के अनुसार, बंदरगाह क्षेत्र में कई जगहों पर विस्फोट हुए. स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने कई धमाके सुने और इमरजेंसी सेवाएं क्षतिग्रस्त स्थानों पर पहुंचीं.
अमेरिका का दावा
अमेरिकी सैन्य कमान CENTCOM ने कहा कि हमले में समुद्री ढांचे और सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया गया. इन सुविधाओं का इस्तेमाल ईरान होर्मुज की खाड़ी में व्यावसायिक जहाजों को धमकाने के लिए कर रहा था. CENTCOM ने X पर लिखा, "अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेनाएं ईरान के खिलाफ अतिरिक्त हमले कर रही हैं ताकि होर्मुज में नौवहन की स्वतंत्रता को खतरा पहुंचाने की उनकी क्षमता को और कम किया जा सके."
हमले में पियर्स, समुद्री यातायात नियंत्रण टावर और आसपास की सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाया गया, जबकि नागरिक सुविधाओं और ऊर्जा ढांचे को बचाया गया. ईरान पर आरोप है कि उसने हाल में होर्मुज की खाड़ी में तीन कार्गो जहाजों पर हमला किया. ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना जारी रखा तो हमले "और भी बुरे" होंगे.
ईरान ने जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी सैन्य ठिकानों वाले कुवैत और बहरीन पर हमले किए. यह लगातार दूसरा दिन है जब दोनों देशों के बीच हमले हो रहे हैं. इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है तथा युद्ध समाप्त करने के प्रयासों पर असर पड़ रहा है.