वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टर्की में NATO समिट से लौटते समय कतर द्वारा गिफ्ट किए गए नए एयर फोर्स वन का इस्तेमाल नहीं किया. उन्होंने पुराने विमान को चुना, जबकि नया विमान अलग से ब्रिटेन गया. ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच यह आखिरी समय का बदलाव सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ गया है.
ट्रंप ने इस बदलाव पर साफ जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा कि पुराने विमान से "पुरानी यादों" के लिए यात्रा कर रहे हैं. दोनों विमान ब्रिटेन के RAF Mildenhall एयरबेस पर रुके, जहां नए विमान को सैनिकों को दिखाया गया.
सुरक्षा की चिंता क्यों?
ट्रंप के विमान का ट्रांसपॉन्डर उड़ान के शुरुआती हिस्से में बंद रहा, जो हाई-रिस्क एरिया में सुरक्षा उपाय है. वहीं, नए कतरी विमान को ट्रैक किया जा सका. नए विमान में हाई-लेवल सुरक्षा प्रोटोकॉल लगाए गए हैं. हालांकि, एयर फोर्स ने माना कि कुछ एडवांस सिस्टम जानबूझकर नहीं लगाए गए क्योंकि इसे जल्दी सर्विस में लाना था.
विशेषज्ञों का कहना है कि नया विमान ("ब्रिज एयरक्राफ्ट") घरेलू उड़ानों के लिए ज्यादा उपयुक्त है, जबकि पुराने VC-25A विमान न्यूक्लियर हमले सहित हर खतरे से लैस हैं. कतर द्वारा दिए गए इस विमान का इस्तेमाल ट्रंप ने हाल ही में नॉर्थ डकोटा की यात्रा में किया था. लेकिन ईरान-तुर्की की निकटता और मिसाइल रेंज को देखते हुए सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं.