दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय राजनीति में एक और ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित करने जा रहे हैं. 10 जून को वह लगातार 4,399 दिनों तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहने वाले भारत के सबसे लंबे समय तक लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित प्रधानमंत्री बन जाएंगे. इसके साथ ही वह भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे.
नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और तब से लगातार तीन लोकसभा चुनावों में जीत हासिल कर देश का नेतृत्व कर रहे हैं. यह उपलब्धि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है.
इससे पहले मार्च 2026 में भी मोदी ने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया था. गुजरात के मुख्यमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री के रूप में उनके कुल कार्यकाल ने 8,931 दिन पूरे किए, जिससे वह स्वतंत्र भारत के इतिहास में किसी भी निर्वाचित सरकार के सबसे लंबे समय तक रहने वाले प्रमुख बन गए। इस मामले में उन्होंने पवन कुमार का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया.
नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर गुजरात के मुख्यमंत्री से शुरू होकर देश के सर्वोच्च लोकतांत्रिक पद तक पहुंचा. पिछले दो दशकों से अधिक समय से वह लगातार सत्ता और प्रशासन के केंद्र में रहे हैं. समर्थक इसे उनके नेतृत्व, जनाधार और चुनावी सफलता का प्रमाण मानते हैं, जबकि आलोचक उनकी नीतियों पर सवाल भी उठाते रहे हैं.
10 जून का दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में इसलिए दर्ज होगा क्योंकि इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकतांत्रिक जनादेश के आधार पर सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने वाले नेता के रूप में नया इतिहास रच देंगे.