प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे के दौरान एक नॉर्वेजियन पत्रकार द्वारा पूछे गए सवालों को लेकर सोशल Media पर बड़ी बहस छिड़ गई है। यह मामला तब चर्चा में आया जब पत्रकार हिले लिंग स्वेन्डसेन ने प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी वाले कार्यक्रम का वीडियो साझा करते हुए प्रेस स्वतंत्रता और मीडिया सवालों का मुद्दा उठाया।
वीडियो में पत्रकार ने कहा कि नॉर्वे दुनिया में प्रेस स्वतंत्रता के मामले में शीर्ष स्थान पर है, जबकि भारत काफी पीछे है। इसके साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मीडिया के सवालों का सामना क्यों नहीं करते। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

हालांकि, जानकारों का कहना है कि जिस कार्यक्रम में यह सवाल पूछा गया, वह औपचारिक संयुक्त बयान का मंच था, जहां आमतौर पर सवाल-जवाब का प्रावधान नहीं होता। इसी वजह से कुछ लोगों ने पत्रकार के व्यवहार को प्रोटोकॉल के खिलाफ बताया, जबकि कुछ ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता से जोड़कर देखा।
https://x.com/HelleLyngSvends/status/2056349011213181063
बाद में भारतीय विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी सिबी जॉर्ज ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पत्रकार के सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत एक मजबूत लोकतंत्र है, जहां मानवाधिकारों और न्यायिक व्यवस्था का सम्मान किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनिंदा रिपोर्टों के आधार पर भारत की छवि तय नहीं की जानी चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि क्या प्रधानमंत्री मोदी के प्रेस कॉन्फ्रेंस न करने का मुद्दा अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया के एजेंडे का हिस्सा बनता जा रहा है।