ममता को बिल्कुल भी माफ करने के मूड में नहीं PM मोदी, SIR और घुसपैठ पर अल्टीमेटम

Amanat Ansari 20 Dec 2025 04:16: PM 1 Mins
ममता को बिल्कुल भी माफ करने के मूड में नहीं PM मोदी, SIR और घुसपैठ पर अल्टीमेटम

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी पर तीखा प्रहार किया. शनिवार को नादिया जिले के राणाघाट में आयोजित रैली को खराब मौसम के कारण वे हेलीकॉप्टर से नहीं पहुंच सके, इसलिए वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने करीब 58 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने का जिक्र करते हुए टीएमसी पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया.

मोदी ने कहा कि टीएमसी भाजपा का विरोध तो कर सकती है, लेकिन बंगाल के विकास में बाधा क्यों डाल रही है? उन्होंने जनता से अपील की कि मोदी का विरोध करें तो ठीक है, लेकिन बंगाल के लोगों को उनके हक से वंचित न करें और उनके सपनों को चूर-चूर न करें. प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ममता बनर्जी उन घुसपैठियों की रक्षा करने में जुटी हैं, जो राज्य पर कब्जा जमाने की फिराक में हैं. SIR का विरोध सिर्फ इसी वजह से हो रहा है ताकि ऐसे लोगों को बचाया जा सके.

उन्होंने बंगाल की जनता से हाथ जोड़कर अनुरोध किया कि भाजपा को एक बार मौका दें. मोदी ने बिहार विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले महीने बिहार ने विकास के लिए एनडीए को भारी जनादेश दिया. गंगा बिहार से बंगाल तक बहती है, इसलिए बिहार की जीत ने बंगाल में भी भाजपा के लिए रास्ता साफ कर दिया है.

रैली में भारी भीड़ जुटी थी. संबोधन की शुरुआत में मोदी ने खराब मौसम के कारण व्यक्तिगत रूप से न पहुंच पाने पर माफी मांगी. कोहरे की वजह से हेलीकॉप्टर लैंडिंग संभव नहीं हो सकी. उन्होंने यह भी बताया कि रैली स्थल आने के दौरान कुछ भाजपा कार्यकर्ता ट्रेन हादसे का शिकार हुए. दुर्भाग्यवश जान गंवाने वाले कार्यकर्ताओं के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. दुख की इस घड़ी में पूरा भाजपा परिवार पीड़ितों के साथ है.

प्रधानमंत्री ने नादिया की धरती को श्री चैतन्य महाप्रभु की जन्मस्थली और 'वंदे मातरम' के अमर गान की भूमि बताते हुए इसका विशेष महत्व भी याद किया. साथ ही टीएमसी पर आरोप लगाया कि वह सिर्फ कट मनी और कमीशनखोरी में व्यस्त रहती है. यह संबोधन 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की आक्रामक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.

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