PM Modi Cyprus visit: 15 जून से पीएम मोदी तीन देशों के दौरे पर हैं, जिसमें पहला है साइप्रस, दूसरा कनाडा और तीसरा क्रोएशिया. इसमें साइप्रस दौरे की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है, ये साइप्रस का मैप है, जो पूर्वी भूमध्यसागरीय द्वीप देश है, जिसकी सीमा सीधे तौर पर किसी देश से नहीं लगती, चारों तरफ ये पानी से घिरा है, लेकिन तुर्की से करीब 64 किलोमीटर, सीरिया से 97 किलोमीटर और मिस्त्र के काफी करीब बसा है, जो भारत के लिए सामरिक लिहाज से भी काफी अहम है, जहां पीएम मोदी पहुंचते हैं तो स्वागत के लिए वहां के राष्ट्रपति रेड कारपेट बिछवाते हैं, खुद पीएम मोदी को रिसीव करने विमान तक पहुंचते हैं, उसके बाद पीएम मोदी भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करते हैं.
भारी संख्या में लोग पीएम मोदी के साथ सेल्फी लेने के लिए बेताब दिखे. कोई हाथों में मोदी शब्द का फुलफॉर्म लिखकर लाया था, तो किसी के हाथ में मोदी की तस्वीर थी, पीएम मोदी को एक बच्ची को सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद भी देते हैं, जिसके बाद उसके पिता कहते हैं मैं धन्य हो गया. साइप्रस में मोदी का क्रेज ऐसा दिखता है कि एक लड़का अपने सिर पर मोदी लिखवाए नजर आया. पीएम मोदी वहां मौजूद भारतीय समुदाय के लोगों को ऑटोग्राफ भी देते हैं. और भारत माता की जय का नारा साइप्रस की धरती पर गूंजता है.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम मोदी का ये पहला विदेश दौरा है, यही वजह रही कि वहां मौजूद भारतीय समुदाय के लोग ऑपरेशन सिंदूर के पोस्टर लिए भी नजर आए. लेकिन मोदी के इस दौरे से साइप्रस के पड़ोसी देश तुर्की की बेचैनी बढ़ी हुई है. क्योंकि तुर्की साइप्रस को एक गणराज्य के रूप में अब तक मान्यता नहीं देता, क्योंकि वो साइप्रस के उत्तरी हिस्से को तुर्की गणराज्य उत्तरी साइप्रस के रूप में मानता है, यानि उसे अपना हिस्सा मानता है, यही वजह है कि भारत और साइप्रस के दोस्ताना संबंध जब और मजबूत हो रहे हैं तो तुर्की को चिढ़ हो रही है. एक्सपर्ट कहते हैं जैसे तुर्की ने कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ दिया अब भारत भी उसे उसी भाषा में जवाब दे रहा है, हालांकि इतिहास पर नजर डालें तो मोदी से पहले इंदिरा गांधी और फिर अटल बिहारी वाजपेयी बतौर प्रधानमंत्री साइप्रस देश का दौरा कर चुके हैं. इसलिए 5 प्वाइंट में समझिए ये भारत के लिए क्यों जरूरी है ?
चूंकि भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था में एक है, और भारत से दुनिया के कई देशों को बड़ी उम्मीदें हैं, तो साइप्रस भी भारत की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है. जो तुर्की और पाकिस्तान समेत कई भारत विरोधी देशों को बेचैन कर रहा है.